सीजी भास्कर, 16 जनवरी | बिलासपुर में Bilaspur Pet Shop Registration को लेकर प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। शहर और आसपास संचालित अपंजीकृत पालतू पशु दुकानों एवं डॉग ब्रीडिंग सेंटरों को 5 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीयन आवेदन करना होगा। तय समय-सीमा का पालन नहीं करने पर ऐसे प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई पशु प्रजनन एवं विपणन नियम 2017 के अंतर्गत की जा रही है। नियमों के अनुसार, किसी भी डॉग ब्रीडिंग सेंटर को संचालन प्रारंभ करने की तिथि से 60 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड में पंजीयन कराना अनिवार्य है। पंजीयन के बिना संचालन को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
किन पशुओं पर लागू होता है नियम
पालतू पशु दुकान नियम 2018 के तहत जिन पशुओं को पालतू श्रेणी में शामिल किया गया है, उनमें श्वान, बिल्ली, खरगोश, गिनी पिग, हैमस्टर, मूसक या चूहिया तथा पिंजरा-बंद पक्षी (एक्जोटिक रंगीन चिड़िया) शामिल हैं। इन सभी के क्रय-विक्रय और ब्रीडिंग से जुड़े प्रतिष्ठानों पर Pet Shop Regulation लागू होता है।
कहां और कैसे होगा आवेदन
पंजीयन के लिए सभी संचालकों को संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएँ, बिलासपुर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। यहां से आवेदन को विधिवत जांच के बाद छत्तीसगढ़ राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड, रायपुर को अग्रेषित किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
सीलबंदी के स्पष्ट निर्देश
राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन पालतू पशु दुकानों और डॉग ब्रीडिंग सेंटरों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनके विरुद्ध सीलबंदी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सभी संचालकों को पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित पशु चिकित्सा सेवाएँ कार्यालय में 5 दिवस के भीतर संपर्क कर आवेदन जमा करना अनिवार्य होगा।
पशु कल्याण पर फोकस
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल नियंत्रण नहीं बल्कि Animal Welfare Compliance सुनिश्चित करना है। अनियमित ब्रीडिंग, अस्वस्थ परिस्थितियों में पशुओं के रख-रखाव और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। भविष्य में भी नियमों के उल्लंघन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।


