सीजी भास्कर 18 जनवरी Chhattisgarh National Games Hosting: रायपुर से नई दिल्ली तक खेलों को लेकर बड़ी पहल सामने आई है। छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया ने केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात कर राज्य की खेल योजनाओं और भविष्य की तैयारियों को सामने रखा। इस दौरान छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
Tribal Games के लिए केंद्र को धन्यवाद
बैठक के दौरान डॉ. सिसोदिया ने छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जा रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को लेकर केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आदिवासी प्रतिभाओं को पहचान देने के साथ-साथ राज्य के दूरस्थ इलाकों तक खेलों की पहुंच बढ़ाने में मददगार साबित हुआ है। इसे (Sports Development India) की दिशा में अहम कदम बताया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
महासचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो छत्तीसगढ़ ओलिंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, खेल अधोसंरचना को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहे हैं। स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और कोचिंग सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार की योजनाएं तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
40वें राष्ट्रीय खेलों की औपचारिक मांग
डॉ. सिसोदिया ने केंद्रीय खेल मंत्री से आग्रह किया कि मेघालय में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों के बाद 40वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन फरवरी 2028 में छत्तीसगढ़ को सौंपा जाए। उनका कहना था कि इससे राज्य को (National Sports Event) की मेजबानी का अवसर मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन करने का लाभ मिलेगा।
खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर
यदि छत्तीसगढ़ को 40वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मिलती है, तो इसका सीधा लाभ राज्य के उभरते खिलाड़ियों को मिलेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से न केवल खेल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, बल्कि युवाओं में खेलों को करियर के रूप में अपनाने का विश्वास भी बढ़ता है।
फैसले पर टिकी निगाहें
अब नजरें केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। राज्य खेल संघों और खिलाड़ियों में इस प्रस्ताव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो छत्तीसगढ़ खेलों के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बना सकता है।




