सीजी भास्कर, 18 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन और भारत सरकार की रोजगारोन्मुखी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं का प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम मुंगाडीह निवासी आकाश कुमार डिक्सेना हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय स्वरोजगार (PMEGP Success Story) को अपनाकर अपने जीवन की दिशा बदल दी।
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले आकाश डिक्सेना ने प्रारंभिक शिक्षा के बाद कॉलेज से एम.ए. (अंग्रेजी एवं संस्कृत) तथा बी.एड. की पढ़ाई पूर्ण की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी की, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक एक निजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्य किया। हालांकि सीमित वेतन और भविष्य की अनिश्चितता के कारण वे इस नौकरी से संतुष्ट नहीं थे।
इसी दौरान समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) की जानकारी मिली। यह योजना उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई। योजना के उद्देश्य और स्वरोजगार की संभावनाओं को समझने के बाद आकाश ने खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
उन्होंने बेकरी उद्योग स्थापित करने के लिए लगभग 11 लाख रुपये की परियोजना तैयार की। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत उन्हें 9 लाख 90 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। वित्तीय सहायता प्राप्त होते ही आकाश ने अपने गांव में बेकरी यूनिट की स्थापना की और स्वरोजगार की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया।
आज उनकी बेकरी इकाई में ब्रेड, क्रीम रोल, बिस्किट सहित विभिन्न बेकरी उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। ये उत्पाद स्थानीय बाजार में अच्छी मांग के साथ बिक रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित और संतोषजनक आय प्राप्त हो रही है। इस इकाई के माध्यम से गांव के कई युवाओं को रोजगार भी मिला है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। उनके माता-पिता भी इस कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
आकाश डिक्सेना बताते हैं कि वे प्रतिमाह लगभग 15,300 रुपये की ऋण किस्त नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी दिया है। आज वे स्वरोजगार के माध्यम से एक सम्मानजनक और स्थिर जीवन जी रहे हैं।
आकाश की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ युवा स्वरोजगार के माध्यम से न केवल अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। उनकी यात्रा आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।




