सीजी भास्कर 19 जनवरी Naxal Pressure IED Blast : बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाके में एक बार फिर नक्सलियों की हिंसक रणनीति ने एक निर्दोष ग्रामीण की जान ले ली। जंगल में रोजमर्रा की जरूरत के लिए लकड़ी लेने गया युवक माओवादियों द्वारा पहले से बिछाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आ गया। इस घटना ने इलाके में दहशत और डर का माहौल बना दिया है।
जंगल के रास्ते में हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के अनुसार, 18 जनवरी को ग्राम कस्तुरीपाड़ निवासी आयता कुहरामी जंगल की ओर गया हुआ था। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि युवक के दोनों पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। यह पूरा मामला (Pressure IED Blast) की पुष्टि करता है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आम होती जा रही है।
अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई सांस
धमाके के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल युवक को तत्काल अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया। हालांकि, अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण इस अचानक हुई घटना से सदमे में हैं।
सुरक्षा बलों ने तेज की सर्चिंग
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। संभावित खतरे को देखते हुए आईईडी निष्क्रियकरण (IED Detection Operation) की प्रक्रिया भी चलाई जा रही है, ताकि भविष्य में किसी और निर्दोष की जान न जाए।
गांव में मातम, लोगों में आक्रोश
इस हादसे के बाद कस्तुरीपाड़ गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल उनकी आजीविका का साधन है, लेकिन हर कदम पर मौत का खतरा मंडराता रहता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं (Naxal Affected Area) में आम लोगों के लिए जीवन को और असुरक्षित बना रही हैं।




