सीजी भास्कर, 19 जनवरी। जिले में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम सफलता सामने आई है, जहां 8 नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग छोड़ते हुए सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में दो कुख्यात डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) बलदेव और अंजू भी शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली माओवादी संगठन की भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली, उपेक्षा और कठोर जीवनशैली से लंबे समय से असंतुष्ट (Gariaband Naxal Surrender) थे। संगठन की विचारधारा और अंदरूनी हालात से मोहभंग होने के बाद उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
बताया गया कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और शासन की पुनर्वास नीति ने भी इन नक्सलियों के फैसले में अहम भूमिका निभाई। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से नक्सल संगठन की संरचना को बड़ा झटका लगेगा और उसकी पकड़ कमजोर होगी। साथ ही, इससे प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विश्वास और विकास की प्रक्रिया को और गति (Gariaband Naxal Surrender) मिलेगी।
गरियाबंद में हुआ यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो यह संकेत देता है कि हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटने का रास्ता अब पहले से ज्यादा मजबूत हो रहा है।




