सीजी भास्कर, 19 जनवरी। जिले के बगीचा विकासखंड में रहने वाले कृषक बलदेव राजवाड़े की खेती (Farmer Success Story) प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से जुड़ने के बाद नई दिशा में आगे बढ़ी है। वर्षों तक रबी सीजन में सिंचाई के अभाव में खाली रहने वाली जमीन अब लहलहाती फसल में बदल चुकी है।
कृषक बलदेव राजवाड़े के पास कुल 2.512 हेक्टेयर कृषि भूमि है। खरीफ मौसम में वे परंपरागत रूप से धान की खेती करते थे, लेकिन रबी सीजन में खेत उपयोग में नहीं आ पाता था। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स (तिलहन) घटक के अंतर्गत सरसों की खेती का निर्णय लिया।
कृषि विभाग द्वारा उन्हें अनुदान पर उन्नत सरसों बीज, सूक्ष्म पोषक तत्व खाद और आवश्यक कीटनाशक सामग्री उपलब्ध कराई गई। 1 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई सरसों की खेती इस समय अच्छी अवस्था (Farmer Success Story) में है। खेती के दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया, जिससे लागत नियंत्रित रही और फसल विकास संतोषजनक रहा।
बलदेव राजवाड़े का कहना है कि तिलहन फसल अपनाने से न केवल खेत का बेहतर उपयोग हुआ, बल्कि खाद्य तेल के लिए बाजार पर निर्भरता भी कम होगी। अच्छी पैदावार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद से उनकी आय बढ़ने की संभावना बनी है।
वे अब आसपास के किसानों को भी रबी सीजन में तिलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित (Farmer Success Story) कर रहे हैं। उनका मानना है कि सही योजना, समय पर मार्गदर्शन और फसल विविधीकरण से किसान आत्मनिर्भर बन सकता है।
यह उदाहरण दर्शाता है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और तकनीकी सहयोग मिलने पर किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर स्थायी आय और कृषि आत्मनिर्भरता की ओर कदम रख सकता है।




