सीजी भास्कर, 20 जनवरी | शनिवार रात रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के स्टोर रूम में लगी आग ने पूरे शिक्षा तंत्र को झकझोर कर रख दिया। DEO Office Fire की इस घटना में करीब 26 वर्षों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक रिकॉर्ड जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। आग के दो दिन बाद भी कार्यालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है और कर्मचारी सीमित संसाधनों के बीच काम करने को मजबूर हैं।
शुरुआती जांच में हादसा, शॉर्ट सर्किट सबसे बड़ी वजह
आग की वजह जानने के लिए गठित तीन सदस्यीय प्रदेश स्तरीय टीम जांच में जुटी है। प्रारंभिक तौर पर इसे साजिश नहीं बल्कि हादसा माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट (DEO Office Fire) बताए जाने की प्रबल संभावना है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पहले से था खतरे का अंदेशा, फिर भी नई बिल्डिंग को हरी झंडी नहीं
इस घटना ने विभागीय लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि 100 साल से अधिक पुरानी इस इमारत को लेकर पहले ही हादसे की आशंका जताई जा चुकी थी। कई बार मरम्मत कराई गई, यहां तक कि नई बिल्डिंग का प्रस्ताव भी शिक्षा विभाग को भेजा गया, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। अब जब DEO Office Fire में सबकुछ खाक हो गया, तो फाइलें फिर से आगे बढ़ने लगी हैं।
2008 के बाद का ही डेटा बचने की उम्मीद
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती के अनुसार, आग में जला अधिकांश रिकॉर्ड डिजिटल नहीं था। 2008 के बाद से ही फाइलों का आंशिक डिजिटलाइजेशन शुरू हुआ था, इसलिए उससे पहले का डेटा रिकवर होना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन जैसी ऑनलाइन जानकारियां सुरक्षित हैं और उन्हें दोबारा जुटाया जा रहा है।
23 आलमारियां और 150 बस्ते हुए खाक
आगजनी में छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन, अनुकंपा नियुक्ति, स्थापना शाखा, स्कूल मान्यता, अनुदान और मदरसा संबंधी रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हो गए। स्टोर रूम में रखी 23 आलमारियों में मौजूद करीब 150 बस्ते जलकर राख बन गए। स्टॉक रजिस्टर भी नष्ट हो जाने से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कुल कितना सामान वहां रखा था।
शनिवार रात 8:30 बजे फैली आग, देर रात तक चला रेस्क्यू
शनिवार रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच स्टोर रूम से आग की लपटें उठती देखी गईं। आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलने के लगभग 20 मिनट के भीतर दमकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग पर काबू पाने में देर रात तक मशक्कत करनी पड़ी।
फोरेंसिक जांच, इलाका सील, साजिश की भी जांच
घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने स्टोर रूम के महत्वपूर्ण हिस्से को सील कर दिया। रविवार को अवकाश के बावजूद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन धुएं के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साजिश की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं गया है।
तीन सदस्यीय समिति गठित, पांच दिन में रिपोर्ट
शासन के निर्देश पर संचालक लोक शिक्षण द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। समिति को पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्टोर रूम की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी विभागीय जांच के संकेत मिले हैं।
राहत की बात, कोई जनहानि नहीं
इस पूरी घटना में राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि आग से बचाव के क्या इंतजाम थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।




