सीजी भास्कर, 20 जनवरी | DEO Office Fire Case : रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगी आग के बाद इमारत को तोड़े जाने की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है। उनका कहना है कि आग की घटना के तुरंत बाद भवन को ध्वस्त करना संदेह को और गहरा करता है।
जले दस्तावेजों को लेकर गंभीर आरोप
दीपक बैज के अनुसार, आग में जिन फाइलों को नुकसान पहुंचा है, उनमें कई महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड और नियुक्तियों से जुड़ी फाइलें शामिल थीं। उनका आरोप है कि यह महज संयोग नहीं हो सकता। जांच से पहले दस्तावेजों का नष्ट होना और फिर बिल्डिंग को तोड़ देना, पूरे मामले को पर्दे के पीछे धकेलने की कोशिश जैसा दिखता है।
‘भ्रष्टाचार छुपाने की कोशिश’ का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे तौर पर कहा कि यह आगजनी भ्रष्टाचार को छुपाने की मंशा से की गई हो सकती है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन पारदर्शी होता, तो पहले जांच होती और उसके बाद कोई भी संरचनात्मक फैसला लिया जाता। बिना जांच के कार्रवाई से जनता का भरोसा कमजोर होता है।
दिल्ली की मुलाकातों पर भी उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में दीपक बैज ने दिल्ली में हुई राजनीतिक मुलाकातों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा सरकार की नीतियों और कथित घोटालों पर सवाल उठाए जाने के बाद अचानक हो रही बैठकों और भोजनों को नई रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम कई सियासी संकेत देता है।
जांच की मांग, जवाबदेही पर जोर
दीपक बैज ने मांग की कि आग लगने के कारणों, जले दस्तावेजों और भवन तोड़े जाने के फैसले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे सवाल दोबारा न उठें।




