सीजी भास्कर, 20 जनवरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग (Chhattisgarh Voter List Update) पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर दावा-आपत्ति की निर्धारित समय-सीमा को बढ़ाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया में कई योग्य मतदाता तकनीकी और दस्तावेजी कारणों से बाहर रह गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आयोग को अवगत कराया कि दुर्गम और आदिवासी अंचलों में SIR की जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाई। कई स्थानों पर दस्तावेजों की अनुपलब्धता, ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें और सीमित समय-सीमा के कारण मतदाता नाम जोड़ने, संशोधन कराने या त्रुटियां सुधारने से वंचित रह गए।
विशेष वर्गों के लिए अलग व्यवस्था की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने सलवा जुडुम के दौरान गांवों से विस्थापित परिवारों और अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों के लिए अलग और सरल प्रक्रिया लागू (Chhattisgarh Voter List Update) करने की मांग रखी। उनका कहना था कि ये वर्ग सामान्य प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनके मताधिकार पर असर पड़ रहा है।
प्रक्रिया पर पक्षपात के आरोप
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया को लेकर सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप भी लगाए। पार्टी का दावा है कि आदिवासी, श्रमिक, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों के मतदाताओं को सूची से बाहर करने की शिकायतें मिल रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी आयोग को अवगत कराया गया है।
निर्णय पर टिकी निगाहें
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि दावा-आपत्ति की अवधि नहीं बढ़ाई (Chhattisgarh Voter List Update) गई, तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाता मतदान प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं। अब निर्वाचन आयोग द्वारा इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है, इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।




