सीजी भास्कर, 20 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामलों (Soumya Chourasia Case Update) से जुड़ी 40 से अधिक याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सभी मामलों को 28 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। इन याचिकाओं में विभिन्न आरोपितों की जमानत अर्जियां भी शामिल हैं।
शीर्ष अदालत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को जमानत दिए जाने के आदेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर याचिका पर भी आगामी बुधवार को सुनवाई करेगी। इसी दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की याचिका पर राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सौम्या चौरसिया (Soumya Chourasia Case Update) पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में उप सचिव तथा विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्यरत थीं। कोयला घोटाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने उन्हें छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में दोबारा गिरफ्तार किया था।
सौम्या चौरसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने अदालत के समक्ष दलील दी कि यह मामला एक ही प्राथमिकी को लगातार जीवित रखने से जुड़ा है, जो सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों की अवहेलना के समान है।
वहीं अन्य आरोपितों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि वर्ष 2019 से अब तक आरोपों और साक्ष्यों में कोई नया तथ्य सामने नहीं आया है। इस पर न्यायपीठ ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल को जमानत देने के आदेश को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर फिलहाल नोटिस जारी करने से इनकार किया। न्यायपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लाखमा की जमानत याचिका पर भी 28 जनवरी को सुनवाई की जाएगी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में आरोपितों और जांच एजेंसियों से जुड़ी कुल 40 से अधिक याचिकाएं सूचीबद्ध थीं, जिन पर विस्तृत सुनवाई अब अगली तिथि पर की जाएगी।




