सीजी भास्कर, 21 जनवरी। 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर मामले में दुर्ग जिले के पाटन पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अनिरुद्ध ताम्रकार और उसकी पत्नी भावना ताम्रकार के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 3(5), 318 और 351(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपित पति-पत्नी हैं, जबकि प्रार्थी आकाश कुमार शर्मा और मुख्य आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार बचपन के दोस्त बताए जा रहे हैं। एक ही मोहल्ले में पले-बढ़े इन लोगों के बीच वर्षों पुराना विश्वास ही इस (27 Lakh Fraud Case) की जड़ बन गया।
पाटन पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी आकाश कुमार शर्मा ने अपने परिवाद में बताया कि वह वर्ष 2017 से प्रोटीन सप्लीमेंट का होलसेल व्यापार कर रहा है। इसी दौरान वर्ष 2021 में उसके पुराने मित्र अनिरुद्ध ताम्रकार, जो जनपद कार्यालय पाटन में संविदा पर जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थ है, ने वेतन न मिलने का हवाला देते हुए आर्थिक संकट की बात कही। उसने अपनी पत्नी भावना ताम्रकार के नाम से रिसाली, भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में प्रोटीन सप्लीमेंट की दुकान खोलने की योजना बताई और सहयोग मांगा। वर्षों की मित्रता और विश्वास के आधार पर प्रार्थी ने उसकी बातों पर भरोसा किया, जो आगे चलकर (27 Lakh Fraud Case) साबित हुआ।
प्रार्थी के अनुसार, सितंबर 2021 से अक्टूबर 2021 के बीच उसकी ओर से आरोपित की पत्नी के नाम से संचालित आदिशक्ति इंटरप्राइजेस, रिसाली को लगभग 27 लाख रुपये मूल्य की प्रोटीन सप्लीमेंट सामग्री सप्लाई की गई। शुरूआत में कारोबार सामान्य चलता रहा, लेकिन जब भुगतान की बारी आई तो समस्या शुरू हो गई। प्रार्थी द्वारा बार-बार रकम की मांग करने पर आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार ने जून 2022 तक अलग-अलग किश्तों में केवल छह लाख रुपये का भुगतान किया। शेष बड़ी रकम देने में वह लगातार टाल-मटोल करता रहा, जिससे यह (27 Lakh Fraud Case) और गहराता गया।
आरोप है कि बाद में आरोपित ने प्रार्थी का फोन उठाना भी बंद कर दिया। एक दिन जब फोन उठा तो प्रार्थी को धमकाते हुए कहा गया कि यदि रकम की मांग की तो उसकी पत्नी के साथ छेड़खानी के झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा और पैसे भूल जाने की चेतावनी दी गई। इस धमकी से आहत होकर प्रार्थी आकाश शर्मा ने 25 अक्टूबर 2025 को पाटन थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर धारा 155 के तहत गैर-संज्ञेय प्रविष्टि की गई। इसके बाद 28 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मामला (27 Lakh Fraud Case) के रूप में न्यायालय तक पहुंचा।
न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाटन ने दस्तावेजों, शपथपत्र और पुलिस प्रतिवेदन का अवलोकन किया। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने आरोपित अनिरुद्ध ताम्रकार और भावना ताम्रकार के खिलाफ विधिवत अपराध दर्ज करने का आदेश दिया। न्यायालय के इस आदेश के आधार पर पाटन पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।




