सीजी भास्कर, 21 जनवरी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी और परिवहन व्यवस्था में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा (CG Paddy Scam) हुआ है। जिला प्रशासन की जांच में करीब 8 करोड़ 14 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। मामले में राइस मिलर, समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
मार्कफेड आईसीसीसी रायपुर से मिले अलर्ट के बाद खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया कि धान परिवहन के नाम पर नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई। कई मामलों में वाहनों की वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक ओवरलोडिंग दिखाकर अवैध परिवहन किया गया।
फर्जी वाहन, बिना GPS और कागजों का खेल
जांच में सामने आया कि राइस मिलरों और समिति प्रबंधकों ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। बिना GPS लगे वाहनों से धान का परिवहन दिखाया गया, फर्जी वाहन नंबरों का इस्तेमाल (CG Paddy Scam) किया गया और वास्तविक मात्रा से कहीं अधिक धान उठाव दर्शाकर शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जांच में 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी और परिवहन में गंभीर अनियमितताओं के प्रमाण मिले हैं। नवागांव घुठेरा समिति, सिंघनुपरी, छटन और झगरहट्टा उपार्जन केंद्रों से जुड़े मामलों में अलग-अलग राइस मिलों के साथ मिलीभगत सामने आई है।
कई राइस मिल और उपार्जन केंद्र जांच के घेरे में
जांच के अनुसार—
नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल के साथ मिलकर दर्जनों GPS और बिना GPS वाहनों से अवैध परिवहन
सिंघनुपरी उपार्जन केंद्र द्वारा एसएस फूड के साथ बिना GPS वाहन से धान उठाव
छटन उपार्जन केंद्र द्वारा दीपक और नवकार राइस मिल से जुड़ी अनियमितताएं
झगरहट्टा उपार्जन केंद्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ फर्जीवाड़ा
इन मामलों में उपलेटा और वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
प्रकरण में अब्दुल समद, ललित जैन, नवेन्द मेनन और अनिल जांगड़े फरार (CG Paddy Scam) हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। वहीं फास्टरपुर और लालपुर थानों में भी संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं और गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




