सीजी भास्कर, 23 जनवरी। लंबे समय से सक्रिय एक नेटवर्क अचानक कमजोर पड़ गया। जंगलों में चल रही हिंसा की कड़ी उस वक्त टूटी, जब वर्षों से फरार चेहरे खुद सामने आए और हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता (Dhamtari Naxal Surrender) मिली है। आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह के समक्ष 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें 5 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली सीतानदी, नगरी, मैनपुर और गोबरा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय थे और कई वारदातों में शामिल रहे हैं।
पुलिस के अनुसार ये नक्सली प्रतिबंधित संगठन की ओडिशा स्टेट कमेटी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे। संगठन में ये डीवीसीएम, एसीएम, एरिया कमेटी कमांडर और डिप्टी कमांडर जैसे अहम पदों पर रहे हैं। इन सभी पर मिलाकर 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली
ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा – डीवीसीएम, सीतानदी एरिया कमेटी सचिव (₹8 लाख)
उषा उर्फ बालम्मा – डीवीसीएम टेक्निकल (₹8 लाख)
रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु – नगरी एसीएम (₹5 लाख)
रोनी उर्फ उमा – सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर (₹5 लाख)
निरंजन उर्फ पोदिया – एससीएम टेक्निकल (₹5 लाख)
सिंधु उर्फ सोमड़ी – एसीएम (₹5 लाख)
रीना उर्फ चिरो – एसीएम, सीनापाली एरिया (₹5 लाख)
अमीला उर्फ सन्नी – एसीएम, मैनपुर एलजीएस (₹5 लाख)
लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती – बॉडीगार्ड (₹1 लाख)
सौंपे गए हथियार और सामग्री
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने 2 इंसास राइफल, 2 एसएलआर, 1 कार्बाइन, 1 भरमार बंदूक, 67 राउंड, 11 मैगजीन, 1 वॉकी-टॉकी सहित अन्य सामग्री सुरक्षा बलों (Dhamtari Naxal Surrender) को सौंपी।
पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का असर
धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति का असर इस घटनाक्रम में साफ दिखा। दूरस्थ इलाकों में पोस्टर-बैनर, पाम्फलेट, आत्मसमर्पित नक्सलियों की अपील और सिविक एक्शन कार्यक्रमों के जरिए लगातार संदेश पहुंचाया जा रहा था।
आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि संगठन की खोखली विचारधारा, जंगलों में कठिन जीवन और पहले सरेंडर कर चुके साथियों के सुरक्षित भविष्य से प्रेरित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता (Dhamtari Naxal Surrender) छोड़ा। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि धमतरी को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अन्य सक्रिय माओवादियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की जा रही है।


