सीजी भास्कर, 24 जनवरी। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए फर्जीवाड़े पर त्वरित कार्रवाई की है। फर्जी तरीके से धान की तौल पत्रक जारी कर ऑनलाइन प्रविष्टि एवं भुगतान कराने के गंभीर मामले में ग्राम खरतोरा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी समिति प्रबंधक के विरुद्ध पुलिस थाना पलारी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह कार्रवाई (Fake Paddy Weighment FIR) के तहत की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम खरतोरा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी समिति प्रबंधक दुर्गेश कुमार गेण्ड्रे ने दिनांक 21 जनवरी 2026 को अपने बड़े भाई सुरेन्द्र कुमार गेण्ड्रे के नाम पर जारी टोकन के आधार पर बिना धान लाए 53 कट्टा, कुल 21.20 क्विंटल सरना धान की फर्जी तौल पत्रक तैयार की। इस धान का मूल्य 50,222.50 रुपये दर्शाते हुए ऑनलाइन प्रविष्टि एवं ऑनलाइन भुगतान की एंट्री कराई गई। यह कृत्य (Fake Paddy Weighment FIR) की श्रेणी में गंभीर आर्थिक अपराध माना गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए धान खरीदी नीति में उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन किया और फर्जी धान का आपलन दर्शाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल (Fake Paddy Weighment FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी प्रविष्टि या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी आईसीसीसी पोर्टल, सीसीटीवी निगरानी और भौतिक सत्यापन के माध्यम से सघन जांच जारी रहेगी। (Fake Paddy Weighment FIR) जैसी कार्रवाई भविष्य के लिए कड़ा संदेश है कि दोषियों पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
धान खरीदी में पारदर्शिता के लिए सख्त निगरानी


