सम्वाददाता : आशुतोष सिंह राजपूत – सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र में Road Safety Awareness Camp का आयोजन किया गया। यह शिविर दिनांक 21 जनवरी 2026 को अमलीपदर बाजार चौक में लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों और वाहन चालकों ने भाग लिया।
एसपी के निर्देश पर हुआ आयोजन
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक देवव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देश पर आयोजित किया गया। उप पुलिस अधीक्षक लितेश सिंह (नोडल यातायात) के नेतृत्व में यातायात पुलिस एवं जिला परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शिविर को सफल बनाया।
ड्रायविंग लाइसेंस शिविर बना आकर्षण
शिविर के दौरान ड्रायविंग लाइसेंस से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। कुल 370 आवेदन फॉर्म जमा किए गए, जिनमें से सर्वर की तकनीकी समस्या के चलते 38 लोगों के Learning License मौके पर बनाए गए। शेष आवेदनों के लाइसेंस शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया गया।

यातायात नियमों को लेकर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान वाहन चालकों को सड़क पर सुरक्षित चलने, हेलमेट पहनने, गति सीमा का पालन करने और यातायात संकेतों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा विषय है।
हेलमेट वितरण से बढ़ा जागरूकता संदेश
जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शिविर में हेलमेट वितरण भी किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना में जीवन रक्षक कवच है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक लितेश सिंह (नोडल यातायात), मंजूलता राठौड़, थाना प्रभारी अमलीपदर दिलीप मेश्राम, सहायक उप निरीक्षक प्रकाश जांगड़े, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की स्मृति ठाकुर, जनपद सभापति निर्भय सिंह, सरपंच हेमो नागेश, उपसरपंच चंद्रशेखर, पंकज मांझी, राजेश बघेल, रिजवान कुरैशी, कुबेर बंजारे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सड़क सुरक्षा को लेकर सतत अभियान की जरूरत
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के Road Safety Awareness Camp ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और लोगों को सुरक्षित यातायात की आदत डल सके।


