नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में Abujhmad Ground Visit के तहत कलेक्टर नम्रता जैन ने करीब 110 किलोमीटर का कठिन सफर बाइक से तय किया। दुर्गम रास्तों और जंगलों के बीच बसे गांवों तक पहुंचकर उन्होंने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वर्षों से बनी दूरी को तोड़ने की पहल की।
पहली बार कलेक्टर को देख भावुक हुए ग्रामीण
जाटलूर, ढोंढरबेड़ा, कुरमेल जैसे दूरस्थ गांवों में जब कलेक्टर खुद बाइक से पहुंचीं, तो ग्रामीणों में उत्सुकता के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी दिखा। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी कलेक्टर को अपने गांव में इस तरह देखा।
बच्चों के साथ बैठकर पढ़ाई और राष्ट्रगान
दौरे के दौरान नम्रता जैन स्कूल परिसर में बच्चों के साथ जमीन पर बैठीं, राष्ट्रगान गाया और पढ़ाई से जुड़ी बातें कीं। यह दृश्य ग्रामीण अंचल में प्रशासन के मानवीय चेहरे को दर्शाता नजर आया, जिसने बच्चों और अभिभावकों दोनों को प्रभावित किया।
सड़क, पानी, स्वास्थ्य की समस्याएं सीधे रखीं
ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा से जुड़ी जमीनी समस्याएं खुलकर रखीं। संवाद के दौरान यह साफ दिखा कि वर्षों से लंबित मुद्दों को कहने का उन्हें पहली बार सीधा मौका मिला।
मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश
कलेक्टर ने सिर्फ सुनकर औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता में शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब योजनाएं फाइलों तक सीमित नहीं रहेंगी।
‘अबूझमाड़ अब अबूझ नहीं रहेगा’
दौरे के अंत में नम्रता जैन ने कहा कि अबूझमाड़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा हालात में सुधार के साथ-साथ विकास कार्यों की रफ्तार भी तेज की जाएगी।


