Vande Mataram Festival : कोंडागांव के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय परिसर में 188 बटालियन केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल द्वारा वंदे मातरम् महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी तक आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोहों की श्रृंखला का हिस्सा रहा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में देशभक्ति, एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करना था।
सामूहिक गान में दिखी एकजुटता
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट भवेश चौधरी के मार्गदर्शन में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और 188 बटालियन के अधिकारी एवं जवान एक साथ मंच पर दिखाई दिए। पूरे परिसर में राष्ट्रप्रेम और अनुशासन का वातावरण महसूस किया गया।
गीत के इतिहास से कराया गया परिचय
सहायक कमांडेंट ओ.पी. विष्णोई ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है, जिसे बाद में उपन्यास आनंदमठ में स्थान मिला। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल शब्द नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना का प्रतीक है।
शालाओं में भी मना बसंत उत्सव
इसी क्रम में भारत स्काउट एवं गाइड जिला संघ, कोंडागांव के मार्गदर्शन में विभिन्न शालाओं में बसंत उत्सव और पराक्रम दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। शासकीय प्राथमिक शाला मुरारीपारा बड़ेबेंदरी में कब-बुलबुल टीम द्वारा विद्या की देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना कर बसंत उत्सव मनाया गया।
नेताजी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ। विद्यार्थियों और अतिथियों ने नेताजी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। एडवांस कब मास्टर पवन कुमार साहू ने नेताजी के साहस, अनुशासन और राष्ट्रनिष्ठा पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया।
पराक्रम दिवस से मिला प्रेरणा संदेश
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि पराक्रम दिवस केवल स्मरण का दिन नहीं, बल्कि आत्मबल, स्वाभिमान और राष्ट्र के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास और मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


