सीजी भास्कर, 25 जनवरी। एक हफ्ते में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। जिन शेयरों को निवेशक सबसे सुरक्षित मानते थे, वही सबसे ज्यादा दबाव में नजर आए। बाजार की गिरावट ने दिग्गज कंपनियों को भी नहीं बख्शा।
पिछले सप्ताह शेयर बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों (Stock Market Crash) पर पड़ा है। कमजोर वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स में भारी कमजोरी देखने को मिली। नतीजतन, सेंसेक्स की टॉप-10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के मार्केट कैप में भारी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों की कुल संपत्ति करीब ₹2.51 लाख करोड़ घट गई।
आंकड़ों के मुताबिक, बीते सप्ताह सेंसेक्स 2,032 अंक से ज्यादा टूट गया। बैंकिंग, आईटी और टेलीकॉम सेक्टर के बड़े शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। इस गिरावट ने लार्जकैप और ब्लूचिप शेयरों को भी झटका दिया।
सबसे बड़ा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को उठाना पड़ा। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹96,960 करोड़ घटकर लगभग ₹18.75 लाख करोड़ रह गया। इसके अलावा ICICI बैंक के मार्केट कैप में ₹48,645 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई, जबकि HDFC बैंक को करीब ₹22,923 करोड़ का नुकसान हुआ। TCS, भारती एयरटेल, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के मार्केट कैप में भी हजारों करोड़ रुपये की कमी आई।
हालांकि, इस कमजोरी के बीच एक कंपनी ने निवेशकों को राहत (Stock Market Crash) दी। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप ₹12,312 करोड़ बढ़कर ₹5.66 लाख करोड़ तक पहुंच गया। टॉप-10 कंपनियों में यह इकलौती कंपनी रही, जिसने गिरते बाजार में मजबूती दिखाई।
मार्केट कैप के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी (Stock Market Crash) बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, TCS, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और लार्सन एंड टुब्रो का स्थान है।
बाजार जानकारों के मुताबिक, आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ-साथ नए आईपीओ और लिस्टिंग पर भी बनी रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।




