सीजी भास्कर, 2 फरवरी | बिलासपुर जिले में Illegal Sand Mining Attack का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ अवैध रेत उत्खनन रोकने पहुँचे नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गढ़वट की है, जहाँ लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं।
नदी में फेंकी गई रेत
रविवार को नायब तहसीलदार राहुल साहू जब मौके पर पहुंचे, तो रेत से भरे ट्रैक्टर को रोका गया। चालक रितुराज सिंह ने ट्रैक्टर रोकने के बजाय आधी रेत नदी में खाली कर दी और वाहन लेकर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और Illegal Sand Mining Attack जैसी परिस्थिति बन गई।
जब नायब तहसीलदार ने ट्रैक्टर रोकने का इशारा किया, तो चालक ने कथित तौर पर उन पर ही ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। अचानक हुए इस हमले में अधिकारी ने फुर्ती दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही पलों में ट्रैक्टर बस्ती की ओर तेज़ी से निकल गया, जिससे ग्रामीणों में भी दहशत फैल गई।
Illegal Sand Mining Attack के बाद पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद नायब तहसीलदार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ Illegal Sand Mining Attack (BNS 170) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर बेलतरा तहसील न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जमानत मिल गई।
जब्ती क्यों नहीं हुई?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह रहा कि ट्रैक्टर और अवैध रेत की जब्ती नहीं की गई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी चालक पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उसे आदतन अपराधी माना जाता है। इसके बावजूद प्रशासनिक सख़्ती न दिखना कई सवाल खड़े करता है।
Illegal Sand Mining Attack और प्रशासनिक चुप्पी
मामले को लेकर नायब तहसीलदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं रतनपुर थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि आवेदन के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है। क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के दावों के बीच यह घटना प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत भी उजागर करती है।





