सीजी भास्कर, 2 फरवरी | बिलासपुर जिले में एक बार फिर Religious Conversion Case Bilaspur सामने आने से स्थानीय स्तर पर हलचल मच गई है। सरकंडा थाना क्षेत्र के सूर्या विहार इलाके में निजी आवास के भीतर आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निजी मकान में जुटाए गए लोग
जानकारी के अनुसार, रविवार को सरकंडा क्षेत्र स्थित एक आवास में करीब 16 लोगों को एकत्र किया गया था। आरोप है कि इस दौरान प्रार्थना सभा की आड़ में लोगों को धार्मिक आस्था बदलने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि संबंधित भवन किसी भी प्रकार की वैधानिक अनुमति के बिना प्रार्थना स्थल के रूप में उपयोग किया जा रहा था।
Religious Conversion Case Bilaspur और प्रलोभन के आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि सभा के दौरान कुछ लोगों को आर्थिक सहायता और भय दोनों का हवाला देकर प्रभावित करने की कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि हिंदू धर्म से जुड़े लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था, जिसे Religious Conversion Case Bilaspur के रूप में दर्ज किया गया है।
संगठन की शिकायत पर कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरकंडा थाना पुलिस को सूचना दी। संगठन की ओर से दिए गए लिखित आवेदन में बताया गया कि निजी आवास को बिना अनुमति प्रार्थना भवन के रूप में संचालित किया जा रहा था और वहां धर्म परिवर्तन की गतिविधियां की जा रही थीं।
Religious Conversion Case Bilaspur में दर्ज धाराएं
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299, 3(5) तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल इलाके में स्थिति शांत है, लेकिन पुलिस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इससे पहले भी इस स्थान पर इस तरह की गतिविधियां होती रही हैं या नहीं। Religious Conversion Case Bilaspur को लेकर आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





