सीजी भास्कर, 2 फरवरी | रायगढ़ जिले में Elephant Attack Raigarh का एक और गंभीर मामला सामने आया है। धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत ग्राम चुहकीमार में जंगली हाथी के हमले से एक बुजुर्ग ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
जंगल में हुआ आमना-सामना
मृतक की पहचान 70 वर्षीय गंगाराम सारथी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, गंगाराम रोज की तरह सुबह करीब 10 बजे जंगल की ओर लकड़ी लेने निकले थे। दोपहर लगभग ढाई बजे जंगल के भीतर उनका सामना एक विशालकाय जंगली हाथी से हो गया। अचानक हुए इस आमने-सामने के दौरान हाथी ने हमला कर बुजुर्ग को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने Elephant Attack Raigarh को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
Elephant Attack Raigarh के बाद प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई, वहीं पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की औपचारिकताएं भी प्रारंभ कर दी गई हैं। वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों से लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जिले में बढ़ती हाथियों की संख्या
रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी चिंता का कारण बनती जा रही है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 101 हाथी सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनमें रायगढ़ वनमंडल में 59 और धरमजयगढ़ वनमंडल में 42 हाथी विचरण कर रहे हैं। इन दलों में नर, मादा और शावक शामिल हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
Elephant Attack Raigarh और चुहकीमार क्षेत्र की स्थिति
चुहकीमार के आसपास के जंगलों में अभी भी करीब 12 हाथियों का दल मौजूद बताया जा रहा है। इसके चलते गांव के आसपास खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है और रात के समय विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। Elephant Attack Raigarh को लेकर वन विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
अन्य गांवों में भी नुकसान
बीती रात लैलूंगा रेंज के कई गांवों में एक दंतैल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। टोंगोटोला, झारआमा, पाकरगांव और सागरपाली में कई मकानों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा फसलों और सिंचाई के पाइप भी तोड़े गए हैं। वन विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं और प्रभावित ग्रामीणों को आवश्यक सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।





