सीजी भास्कर, 2 फरवरी | कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक में सोमवार को Mass Protest Koylibeda के तहत एकदिवसीय महारैली और चक्का जाम का आह्वान किया गया है। एसटी, एससी और ओबीसी समाज के संयुक्त मंच से बुलाए गए इस आंदोलन में 18 पंचायतों के 68 गांवों से 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। रैली को लेकर पूरे क्षेत्र में हलचल है।
क्यों उठी आंदोलन की आवाज
ग्रामीणों का कहना है कि चारगांव माइंस से क्षेत्र को मिलने वाले सामाजिक और बुनियादी लाभ जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे। सीएसआर मद से किए गए कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में Mass Protest Koylibeda को लेकर जांच और जवाबदेही की मांग आंदोलन का केंद्रीय बिंदु बन गई है।
गांवों की साझा मांगें
महारैली में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे ब्लॉक की साझा जरूरतों से जुड़ा है। प्रमुख मांगों में—ब्लॉक मुख्यालय के सभी कार्यालयों का संचालन कोयलीबेड़ा से करना, जिला सहकारी बैंक की स्थापना, महाविद्यालय की शुरुआत, अस्पताल भवन का निर्माण और स्टाफ की कमी को दूर करना शामिल है। इसके साथ ही चारगांव माइंस के Mass Protest Koylibeda की भी मांग की जा रही है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के इंतजाम
रैली और चक्का जाम को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संभावित भीड़ और मार्ग अवरोध को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
यातायात पर पड़ सकता है असर
आंदोलन के दौरान मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी बुनियादी जरूरतों पर ठोस निर्णय नहीं होते, Mass Protest Koylibeda की आवाज जारी रहेगी।





