सीजी भास्कर, 06 फरवरी | तखतपुर। तखतपुर अनुभाग में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर SDM Appointment Dispute Takhatpur अब खुलकर सामने आ गया है। अनुभाग में पदस्थ प्रभारी एसडीएम नितिन तिवारी के खिलाफ अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोलते हुए उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रभारी व्यवस्था के चलते न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मामलों के निपटारे में देरी का आरोप
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि एसडीएम कार्यालय में कई मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। समय पर सुनवाई और आदेश नहीं होने से न केवल अधिवक्ताओं को, बल्कि पक्षकारों को भी बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर डाल रही है।
कलेक्टर को ज्ञापन, सात दिन का अल्टीमेटम
इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता संघ तखतपुर ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से प्रभारी एसडीएम को हटाकर तखतपुर में पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति की मांग की गई है। संघ ने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
कार्यालय बहिष्कार की चेतावनी
अधिवक्ता संघ ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे एसडीएम कार्यालय का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु और समयबद्ध बनाए रखने के लिए लिया जा रहा है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि एक अनुभाग में पूर्णकालिक एसडीएम की नियुक्ति से ही न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आ सकती है। प्रभारी व्यवस्था लंबे समय तक बने रहने से प्रशासनिक अस्थिरता पैदा होती है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।
एसडीएम ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, प्रभारी एसडीएम नितिन तिवारी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सभी मामलों का निपटारा नियमानुसार और तय समयसीमा के भीतर किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।




