सीजी भास्कर, 06 फरवरी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज उस वक्त हलचल तेज (Kawasi Lakhma Meeting) हो गई, जब बस्तर के कद्दावर आदिवासी नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा अचानक पूर्व मुख्यमंत्री के निवास पहुंचे। इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार से आगे जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि इसके बाद लखमा ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग बैठकें कीं।
पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता कवासी लखमा आज भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बघेल के परिवारजनों से मुलाकात (Kawasi Lakhma Meeting) की।
भूपेश बघेल ने इस भेंट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि रायपुर निवास में परिवार के सदस्यों द्वारा बस्तर के जननेता और आदिवासियों की मुखर आवाज कवासी लखमा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सभी एकजुट हैं और संघर्ष जारी रहेगा।
सिंहदेव से भी हुई मुलाकात
इसके बाद कवासी लखमा ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से भी मुलाकात की। सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर के साथ लिखा कि आज पूर्व मंत्री एवं कोंटा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक कवासी लखमा से सौजन्य भेंट हुई। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और बस्तर की अस्मिता की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
महंत से सत्र को लेकर चर्चा
कवासी लखमा ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से भी उनके निवास पर भेंट (Kawasi Lakhma Meeting) की। महंत ने एक्स पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने कवासी लखमा को जमानत मिलने पर बधाई दी और आगामी विधानसभा सत्र को लेकर विधिक राय लेकर पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरने की सलाह दी।
एक ही दिन में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से हुई इन मुलाकातों को सियासी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले विधानसभा सत्र और आदिवासी मुद्दों को लेकर कांग्रेस के भीतर रणनीतिक संवाद तेज हो गया है।




