एमसीबी जिले के पौड़ी थाना क्षेत्र में सामने आए Silver Theft Recovery मामले ने इलाके में हलचल मचा दी। अज्ञात चोरों ने देर रात एक मकान को निशाना बनाते हुए अलमारी में रखे कीमती जेवरात, इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब परिवार को घटना की जानकारी हुई, तब तक चोर फरार हो चुके थे।
पीड़ित की शिकायत से शुरू हुई तफ्तीश
पीड़ित सौरभ सरकार ने 3 फरवरी को थाने पहुंचकर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि सोने-चांदी के जेवर, पुराने सिक्के, लैपटॉप और मोबाइल घर से गायब हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच का दायरा बढ़ाया और Silver Theft Recovery को प्राथमिकता में लिया।
मुखबिर की सूचना ने बदली जांच की दिशा
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि केराडोल बस्ती इलाके में एक युवक और दो नाबालिग संदिग्ध हालात में घूम रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस टीम सादे कपड़ों में मौके पर पहुंची, ताकि किसी तरह की भनक न लगे।
भागने की कोशिश, लेकिन पुलिस ने दबोचा
पुलिस को देखते ही तीनों संदिग्ध घबराकर भागने लगे। हालांकि पहले से तैयार घेराबंदी के चलते वे ज्यादा दूर नहीं जा सके। मौके पर ही एक युवक और दो नाबालिगों को पकड़ लिया गया, जिससे Silver Theft Recovery केस में बड़ा ब्रेकथ्रू मिला।
पूछताछ में चोरी की बात कबूल
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर दो सूटकेस, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, पीतल की थालियां और सोने-चांदी के जेवर बरामद किए गए। इन सामानों की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई।
पहाड़ी इलाके से मिली चांदी की भारी खेप
सर्चिंग के दौरान मुख्य मार्ग से लगे पहाड़ी क्षेत्र में एक पुरानी साड़ी में लिपटी पोटली बरामद हुई। पोटली खोलने पर नए और भारी चांदी के जेवर मिले। तौल कराने पर इनका वजन करीब 6 किलो निकला, जिसकी बाजार कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई। इसमें करधन, पायल, कंगन, सांठी और चूड़ियां शामिल थीं — जो Silver Theft Recovery केस का सबसे अहम सबूत बना।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में बरामद सभी सामान को विधिवत जब्त कर लिया है। एक आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जा रहा है, जबकि नाबालिगों के मामले में अलग कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
चोरी के मामलों पर पुलिस की सख्ती
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि चोरी जैसे अपराधों में अब बच निकलना आसान नहीं है। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग और सूचना तंत्र को मजबूत कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।




