दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े Ration Card e-KYC Pending मामलों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। ताज़ा स्थिति के मुताबिक, जिले में करीब एक लाख 99 हजार से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि समय-सीमा तेजी से नज़दीक आ रही है।
आधार प्रमाणीकरण के बिना राशन वितरण संभव नहीं
भारत सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के तहत आधार आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि बिना ई-केवाईसी के खाद्यान्न वितरण नहीं हो पाएगा। इसके बावजूद बड़ी संख्या में परिवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं कराई, जिससे Ration Card e-KYC Pending की स्थिति बनी हुई है।
आंकड़ों में दुर्ग जिले की वास्तविक तस्वीर
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, दुर्ग जिले में कुल 4 लाख 96 हजार से अधिक राशन कार्ड प्रचलन में हैं। इन कार्डों से जुड़े लगभग 16 लाख 86 हजार सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 14 लाख 86 हजार सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि लगभग दो लाख सदस्य अब भी सत्यापन से बाहर हैं।
दुकानों से लेकर मोबाइल ऐप तक सुविधा उपलब्ध
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीनों के जरिए ई-केवाईसी की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा ‘मेरा ई-केवाईसी’ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी घर बैठे सत्यापन किया जा सकता है। एंड्रॉयड उपयोगकर्ता गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार नंबर, ओटीपी और फेस वेरिफिकेशन के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिससे Ration Card e-KYC Pending मामलों में तेजी लाई जा सके।
किन्हें है छूट, किन्हें अनिवार्यता
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है। हालांकि, परिवार के अन्य सभी सदस्यों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है। प्रशासन का कहना है कि नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
28 फरवरी के बाद रुक सकता है राशन
प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि 28 फरवरी 2026 के बाद यदि ई-केवाईसी अधूरा पाया गया, तो राशन वितरण में बाधा आ सकती है। ऐसे में सभी हितग्राहियों से अपील की गई है कि समय रहते अपना सत्यापन पूरा कर लें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।




