सीजी भास्कर, 11 फरवरी। Tech News। iPhone की लोकप्रियता अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि ग्लोबल रियलिटी (iPhone Market Share) बन चुकी है। हाल ही में सामने आई Counterpoint Research की रिपोर्ट ने स्मार्टफोन मार्केट को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में इस्तेमाल हो रहे हर चार में से एक एक्टिव स्मार्टफोन अब Apple का iPhone है। यह आंकड़ा न सिर्फ Apple की मजबूत पकड़ को दिखाता है, बल्कि यूज़र लॉयल्टी और इकोसिस्टम की ताकत भी उजागर करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में ग्लोबल एक्टिव स्मार्टफोन इंस्टॉल्ड बेस में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, असली कहानी शिपमेंट नंबरों से नहीं, बल्कि उन डिवाइसेज़ से जुड़ी है जो रोज़मर्रा में इस्तेमाल हो रहे हैं। एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस एक ऐसा पैमाना है जो यह बताता है कि यूज़र कितने लंबे समय तक अपने फोन से जुड़े रहते हैं और ब्रांड के इकोसिस्टम में कितनी गहराई से फंसे रहते हैं।
रिप्लेसमेंट साइकिल हुई लंबी
काउंटरपॉइंट की रिपोर्ट बताती है कि स्मार्टफोन का रिप्लेसमेंट साइकिल अब लगभग चार साल (iPhone Market Share) तक पहुंच गया है। इसकी वजह है हार्डवेयर अपग्रेड्स का धीरे-धीरे आना और सेकेंड-हैंड या री-सेल मार्केट का तेजी से बढ़ना। इस ट्रेंड का सबसे ज्यादा फायदा Apple को मिल रहा है, क्योंकि iPhone की रीसेल वैल्यू और लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट उसे बाकी ब्रांड्स से अलग बनाता है।
Apple और Samsung का दबदबा
ग्लोबल लेवल पर Samsung और Apple ही ऐसे दो ब्रांड हैं, जिन्होंने एक अरब से ज्यादा एक्टिव डिवाइसेज़ का आंकड़ा पार किया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर पिछले साल दुनिया के कुल एक्टिव स्मार्टफोन बेस का 44 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया। इनमें Apple सबसे आगे है और मार्केट में सुस्ती के बावजूद उसने 2025 में अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में ज्यादा नेट नए एक्टिव यूज़र्स जोड़े हैं।
काउंटरपॉइंट के सीनियर एनालिस्ट Karn Chauhan के अनुसार, “Apple ग्लोबल एक्टिव इंस्टॉल्ड बेस में सबसे आगे है। आज दुनिया में इस्तेमाल होने वाला लगभग हर चौथा स्मार्टफोन iPhone है। इसके पीछे मजबूत यूज़र लॉयल्टी, गहरा iOS इकोसिस्टम और आपस में बेहतरीन तरीके से जुड़ी सर्विसेज़ की बड़ी भूमिका है।”
Samsung इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है और उसका ग्लोबल इंस्टॉल्ड बेस में लगभग पांचवां (iPhone Market Share) हिस्सा है। इसका श्रेय कंपनी के उस बड़े पोर्टफोलियो को जाता है, जो एंट्री-लेवल से लेकर प्रीमियम स्मार्टफोन्स तक फैला हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि Apple की बढ़त उसके इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम, बेहतर रीसेल वैल्यू और लंबे समय तक मिलने वाले सॉफ्टवेयर अपडेट्स की वजह से बनी हुई है।
कुल मिलाकर, ये आंकड़े दिखाते हैं कि स्मार्टफोन की दुनिया में iPhone सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि एक मजबूत इकोसिस्टम बन चुका है, जिसने यूज़र्स को लंबे समय तक अपने साथ जोड़े रखा है। यही वजह है कि हर चार में से एक हाथ में आज भी iPhone नजर आता है।




