सीजी भास्कर, 11 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आज राजधानी रायपुर में शुरू (CG Cabinet Update) हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जा रही है। बैठक में शासन से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जा रही है, जिनका सीधा असर राज्य की विकास योजनाओं, निवेश नीति और रोजगार से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आज की मंत्रिपरिषद बैठक में आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने से जुड़े प्रस्तावों पर विशेष मंथन हो रहा है। कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मीडिया के समक्ष साझा की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले 4 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई दूरगामी महत्व के फैसले लिए थे। इनमें सबसे प्रमुख छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30 को मंजूरी देना रहा। इस नीति को राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने वाला अहम कदम माना जा रहा है।
नई स्टार्टअप नीति के तहत राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों को ही वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। शुरुआती चरण में मौजूद स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट वाले स्टार्टअप्स को मिनिमम वायबल प्रोडक्ट विकसित करने हेतु 10 लाख रुपये तक का सीड फंड देने का प्रावधान (CG Cabinet Update) किया गया है। इसके साथ ही राज्य में निवेश को बढ़ाने के उद्देश्य से 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड गठित किया गया है, जिसके माध्यम से SEBI-पंजीकृत ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स के जरिए निवेश किया जाएगा।
स्टार्टअप्स को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड भी बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत स्टार्टअप इकाइयों को बैंकों से एक करोड़ रुपये तक के बिना जमानत ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी की सुविधा मिलेगी। वहीं मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को अधिकतम 50 लाख रुपये तक के सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी पर पांच वर्षों तक 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है।
स्टार्टअप्स के विस्तार और बाजार तक पहुंच को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित स्टार्टअप केंद्रित आयोजनों में भाग लेने पर यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क सहित कुल खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन के लिए किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति और सफल फंडरेजिंग पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी नीति में शामिल है।
सरकारी खरीद में स्टार्टअप्स को प्राथमिकता, भूमि और भवन से जुड़े दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में छूट, तथा इन्क्यूबेशन सेंटर या किराये के भवन में संचालित इकाइयों को तीन वर्षों तक किराया अनुदान देने जैसे प्रावधान भी नई नीति का हिस्सा हैं। इसके अलावा गुणवत्ता प्रमाणीकरण, पेटेंट, परियोजना प्रतिवेदन और सरकारी अनुसंधान संस्थानों से तकनीक क्रय पर भी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीति में विशेष प्रोत्साहन जोड़े (CG Cabinet Update) गए हैं। दस या उससे अधिक स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने वाले स्टार्टअप्स को महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये प्रति माह तक की सहायता दी जाएगी। वहीं दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों तथा नक्सल प्रभावित या पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक अनुदान पांच वर्षों तक प्रदान किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इन नीतिगत फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में निवेश का माहौल मजबूत होगा, नवाचार को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर तैयार होंगे। आज की कैबिनेट बैठक से भी इसी दिशा में कुछ और अहम निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिन पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।


