सीजी भास्कर, 14 फरवरी। जांजगीर-चांपा। जिले में आयोजित तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का समापन समारोह उस वक्त विवादों में घिर (Jajvalyadev Mahotsav Controversy) गया, जब मंच के सामने लगी कुर्सियों को लेकर अप्रत्याशित बवाल खड़ा हो गया। समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अधिक चर्चा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए तीखे विवाद की होती रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर मंच के ठीक सामने की पंक्ति में बैठने को लेकर भाजपा से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं के बीच पहले आपसी (Jajvalyadev Mahotsav Controversy) नोकझोंक हुई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा पार्टी पदाधिकारियों के बीच बहस शुरू हो गई। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित कुर्सियों पर कुछ नेता जाकर बैठ गए, जिस पर आपत्ति जताई गई।
सूत्रों के मुताबिक, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी और उपाध्यक्ष ने भी इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद आयोजन समिति और प्रशासन के बीच काफी देर तक बातचीत और तकरार का दौर चलता रहा, जिससे समापन कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित हुई।
इसी दौरान मंच पर प्रस्तुति देने पहुंची छत्तीसगढ़ की चर्चित लोक गायिका आरु साहू के कार्यक्रम पर भी असर पड़ा। मंच के सामने असहज स्थिति बनी रही और दर्शकों के बीच भी हलचल देखी गई।
हालात उस समय काबू में आए, जब पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल कार्यक्रम स्थल (Jajvalyadev Mahotsav Controversy) पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही विवाद शांत हुआ और समापन समारोह की कार्यवाही दोबारा सुचारु रूप से आगे बढ़ सकी। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने हालात संभालते हुए सांस्कृतिक आयोजन को पूर्ण कराया।




