सीजी भास्कर, 19 फरवरी। जिले के कुख्यात सट्टा खाईवाल योगेंद्र शर्मा उर्फ ‘किंग लाला’ को जिला सत्र न्यायालय से बड़ा झटका (Bail Rejected Court) लगा है। सत्र न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। थाना चिल्फी में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 के तहत दर्ज मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश गिरजा देवी मेरावी ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और संगठित अपराध में कथित संलिप्तता को गंभीर मानते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वैधानिक कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता मिल गई है।
इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी की। इससे पहले भी आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कराने में उनकी अहम भूमिका रही थी। कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है, जो लंबे समय से फरार बताया जा रहा है।
मामले की शुरुआत 2 नवंबर 2025 को हुई थी, जब थाना चिल्फी पुलिस ने ग्राम रैतरा खुर्द स्थित हनुमान मंदिर के पास छापेमारी कर संजय साहू को सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथ (Bail Rejected Court) पकड़ा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 75,700 रुपये नकद, सट्टा पट्टी से संबंधित दस्तावेज, डॉट पेन और दो मोबाइल फोन बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप और डिजिटल माध्यमों के जरिए सट्टा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पूछताछ में संजय साहू ने खुलासा किया कि वह सट्टे से प्राप्त रकम का 7 प्रतिशत कमीशन योगेंद्र शर्मा उर्फ किंग लाला को देता था।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी और उसके सहयोगियों के बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार योगेंद्र शर्मा आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ जुआ अधिनियम समेत अन्य धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से संगठित सट्टा सिंडिकेट संचालित किए जाने के संकेत भी मिले हैं।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने पहले ही इनाम की घोषणा की थी और जिले में आरोपी के पोस्टर भी जारी (Bail Rejected Court) किए गए हैं। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से आरोपी के संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।






