Raipur Minor Assault Case: राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित कमल विहार पुलिस सहायता केंद्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोबाइल चोरी के शक में एक नाबालिग को कथित तौर पर इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके शरीर पर कई जगह चोट के गहरे निशान उभर आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजनों ने तत्काल शिकायत दर्ज कराई।
बिना सूचना दूसरी जगह ले जाकर की मारपीट
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात दो आरक्षकों ने चौकी प्रभारी को सूचित किए बिना नाबालिग को दूसरी जगह ले जाकर पूछताछ के नाम पर मारपीट की। पीड़ित के कूल्हे और पीठ पर गंभीर चोटें बताई जा रही हैं। इस दौरान किसी वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति या औपचारिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। पुलिस विभाग के भीतर भी इस रवैये को लेकर असहजता देखी गई।
मामले के सामने आते ही अधिकारियों की सख्त कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब की। जांच में प्रथम दृष्टया आमजन के साथ दुर्व्यवहार और आदेशों की अवहेलना के तथ्य सामने आए। इसके बाद संबंधित दोनों आरक्षकों पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आगे की जांच में यदि और तथ्य सामने आते हैं, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई और सख्त हो सकती है।
नाबालिग की हालत स्थिर, परिजनों में आक्रोश
पीड़ित नाबालिग को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चोट के निशानों की पुष्टि की है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन परिवार में गहरा आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि संदेह के आधार पर की गई ऐसी हिंसा बच्चों के अधिकारों और कानून दोनों का उल्लंघन है। वे निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस कमिश्नरेट ने दिए आंतरिक जांच के संकेत
पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर पूरे घटनाक्रम की आंतरिक समीक्षा के संकेत दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि (Police Accountability) और (Child Rights Protection) जैसे मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और वर्दी की मर्यादा भंग करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।






