सीजी भास्कर, 28 फरवरी। बॉलीवुड के चर्चित कॉमेडी अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों कानूनी और आर्थिक चुनौतियों के बीच सुर्खियों में हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 13 दिन जेल में बिताने के बाद वे अब बाहर (Rajpal Yadav Legal Case) आ चुके हैं और 18 मार्च को होने वाली अहम सुनवाई से पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात खुलकर रखी।
भावुक लेकिन आत्मविश्वास से भरे अंदाज में राजपाल ने कहा कि कठिन समय में जिन लोगों ने उनकी मदद की, वे अपने अकाउंट डिटेल भेजें—“आपका पैसा आभार के साथ वापस जाएगा। मुझे सिर्फ थोड़ा वक्त चाहिए।” उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक संकट ने उन्हें झकझोर दिया, लेकिन इसे वे अपनी वापसी की शुरुआत मानते हैं।
‘2025 से 2035 तक का प्लान तैयार’
जेल से बाहर आने के बाद राजपाल ने खुद को काम में झोंक देने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि अगले दस वर्षों का स्पष्ट रोडमैप तैयार है। “सबके पास प्लान होते हैं, मेरा भी 2025 से 2035 तक का प्लान तैयार है। मैं टीवी का गोल्डन मैन हूं और काम के जरिए दमदार वापसी करूंगा,” उन्होंने कहा।
साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से अपील की कि फिल्म एग्रीमेंट के लिए एक ‘स्टैंडर्ड फॉर्मेट’ बनाया (Rajpal Yadav Legal Case) जाए, ताकि कलाकार भविष्य में कानूनी विवादों से बच सकें।
इंडस्ट्री पर बयान
बॉलीवुड पर उठते सवालों के बीच राजपाल ने कहा, “फिल्म चल जाए तो सब अच्छा, फिल्म डूब जाए तो बॉलीवुड खराब? अब मैं बॉलीवुड को गाली नहीं देने दूंगा।” अपने चिर-परिचित अंदाज में उन्होंने जोड़ा, “राजपाल यादव राजा है। राजा जंगल में हो या जेल में, राजा तो राजा ही रहता है।”
क्या है विवाद की जड़?
यह मामला साल 2010 में बनी उनकी फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। आरोप है कि फिल्म निर्माण के लिए एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जो ब्याज सहित बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने पर कानूनी कार्रवाई हुई और उन्हें जेल जाना पड़ा।
अब 18 मार्च की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या अदालत से राहत मिलेगी या कानूनी पेंच और उलझेंगे – यह आने वाला वक्त (Rajpal Yadav Legal Case) तय करेगा। फिलहाल इतना साफ है कि कॉमेडी के मंच पर लोगों को हंसाने वाला यह कलाकार निजी जिंदगी की गंभीर परीक्षा से गुजर रहा है, लेकिन हार मानने को तैयार नहीं है।






