सीजी भास्कर, 2 मार्च। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ऑस्ट्रेलिया ने अपना रुख (Israel Iran Conflict Update) स्पष्ट कर दिया है। प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान में हिस्सा नहीं लेगा और संघर्ष के विस्तार की स्थिति में मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिक तैनात नहीं करेगा।
ऑस्ट्रेलिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल द्वारा तेहरान पर ताजा हमलों और जवाब में ईरान की मिसाइल कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र के कुछ ठिकानों पर हमलों की सूचना है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
क्षेत्रीय हालात और प्रतिक्रियाएं
बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय के आसपास सुरक्षा कड़ी की गई है। कुवैत और इराक के कुछ हिस्सों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। इस बीच, मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व वाले सऊदी अरब ने संकेत दिया है कि वह स्थिति को और न बढ़ाने के पक्ष में है और खाड़ी देशों से संयम बरतने की अपील की है।
उधर, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सैन्य नेतृत्व को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अभियान अपने (Israel Iran Conflict Update) लक्ष्यों तक जारी रहेगा – हालांकि यह बयान वर्तमान प्रशासनिक नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करता।
ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिकता
कैनबरा ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और कूटनीतिक प्रयासों को समर्थन देना है। सरकार ने नागरिकों को ट्रैवल एडवाइजरी पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का यह रुख पश्चिमी सहयोगियों के साथ सामरिक संतुलन बनाए रखते हुए प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी से दूरी की रणनीति (Israel Iran Conflict Update) को दर्शाता है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय घटनाक्रम के आधार पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास तेज होने की संभावना है।






