सीजी भास्कर 6 मार्च सक्ती। Fake Doctor Injection Case : जिले के जैजैपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हसौद में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। कलेक्टर अमृत विकास तोपनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए और स्वास्थ्य विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
घटना से इलाके में आक्रोश, प्रशासन ने लिया संज्ञान
स्थानीय लोगों के मुताबिक बालक को इलाज के लिए गांव में ही एक कथित डॉक्टर के पास ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान उसे इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बन गया और प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
कलेक्टर के निर्देश पर बनी जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनों ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम करेगी विस्तृत जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल के अनुसार जांच के लिए एक समिति गठित की गई है, जिसमें जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. पी. सिंह कंवर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. राज, जिला नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट डॉ. सुदर्शन भारद्वाज, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमाशंकर साहू और सहायक ग्रेड-03 धनश्याम सुमन को शामिल किया गया है। यह समिति पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करेगी।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के दौरान उपचार की प्रक्रिया, संबंधित परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों का गहन परीक्षण किया जाएगा। समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों के जीवन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।





