राजनांदगांव। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली शिवनाथ नदी में इन दिनों पानी की कमी महसूस की जा रही है। गर्मी के शुरुआती दौर में ही जलस्तर घटने से नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। स्थिति को संभालने के लिए निगम ने मोहारा एनीकट के बाद अब मोखली एनीकट से पानी लेना शुरू किया है, लेकिन इसके बावजूद नदी में पानी की मात्रा अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। शहर की जल व्यवस्था को लेकर (Shivnath River Water Crisis) चर्चा का विषय बना हुआ है।
वैकल्पिक स्रोत से शुरू की गई जलापूर्ति
नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल प्रथम चरण में मोखली एनीकट से करीब 50 एमसीएफटी पानी लेकर शहर में जलापूर्ति की जा रही है। इस पानी को शोधन प्रक्रिया से गुजरने के बाद सुबह और शाम के समय नलों के माध्यम से शहरवासियों तक पहुंचाया जा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ने की संभावना है, इसलिए निगम प्रशासन वैकल्पिक जलस्रोतों पर भी नजर बनाए हुए है। फिलहाल व्यवस्था (Mokhli Anicut Water Supply) के सहारे चल रही है।
हजारों कनेक्शन से हो रही रोजाना जलापूर्ति
राजनांदगांव शहर के 51 वार्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने वितरण पाइपलाइन का व्यापक नेटवर्क तैयार किया है। शहर में 45 हजार से अधिक नल कनेक्शन के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 15 से ज्यादा स्थानों पर बड़ी पानी टंकियां बनाई गई हैं, जिनसे रोजाना लगभग चार करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। यह पूरी व्यवस्था शहर के (City Water Supply System) को सुचारू रखने के लिए संचालित की जा रही है।
गर्मी बढ़ने पर जलाशयों से ली जाएगी मदद
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के दिनों में पानी की मांग बढ़ने के साथ वैकल्पिक जलस्रोतों को सक्रिय किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मटिया मोती जलाशय और मोगरा बैराज से भी पानी लेकर शहर में आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि आने वाले महीनों में जल प्रबंधन की बेहतर योजना के तहत शहरवासियों को पानी की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल जलस्तर को देखते हुए (Summer Water Management) को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।





