रायपुर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वुडबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की आईएसबीएम यूनिवर्सिटी, गरियाबंद के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। देशभर की विश्वविद्यालय टीमों के बीच हुए इस मुकाबले में आईएसबीएम की टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के साथ खेलते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ (ISBM University Woodball Gold) पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय बन गया है।
कड़े मुकाबले में हासिल की बड़ी जीत
भोपाल स्थित मध्यांचल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई विश्वविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान मुकाबले बेहद रोमांचक रहे, जहां खिलाड़ियों को हर राउंड में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। लेकिन आईएसबीएम यूनिवर्सिटी की टीम ने अपने शानदार खेल कौशल और अनुशासन के दम पर (All India Inter University Woodball) प्रतियोगिता में प्रतिद्वंद्वी टीमों को पीछे छोड़ दिया।
खिलाड़ियों के समन्वय ने दिलाई सफलता
आईएसबीएम यूनिवर्सिटी की विजेता टीम में प्रबोध सिंह खंगरोट, शिवराज सिंह, स्वरूप सिंह जोधा, कमल सिंह, अगर सिंह और मनीष शामिल रहे। इन खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए बेहतरीन तकनीक और रणनीति का प्रदर्शन किया। टीम के साथ मैनेजर पंकज दिनेश सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों को मार्गदर्शन दिया। खिलाड़ियों के इसी शानदार प्रदर्शन को (ISBM University Team Performance) की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर आईएसबीएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. विनय एम. अग्रवाल, कुलपति डॉ. आनंद महलवार और कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोल ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को दर्शाता है। इस जीत को प्रदेश के लिए एक बड़ी (Chhattisgarh Sports Achievement) के रूप में देखा जा रहा है।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आईएसबीएम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को भी बराबर महत्व दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ खेल और अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। खिलाड़ियों की इस सफलता के बाद विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है और छात्रों में भी खेलों के प्रति नई प्रेरणा देखने को मिल रही है।





