सीजी भास्कर, 07 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की ओर से एक अहम बयान सामने (Masoud Pezeshkian Statement) आया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल में खाड़ी क्षेत्र के कुछ देशों पर किए गए हमलों को लेकर खेद जताते हुए पड़ोसी देशों से माफी मांगी है। साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान दबाव में आकर सरेंडर नहीं करेगा।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि यदि पड़ोसी देशों की ओर से ईरान पर हमला नहीं किया जाता है तो ईरान भी उन पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं करेगा। इसे क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पड़ोसी देशों से जताया खेद
अपने संबोधन में पेजेश्कियन ने कहा कि हालिया संघर्ष के कारण क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हुई है और इसके लिए वे ईरान की ओर से पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं। उनका कहना था कि ईरान नहीं (Masoud Pezeshkian Statement) चाहता कि यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट में फैलकर बड़े युद्ध का रूप ले।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इन हमलों के बाद ईरान ने भी कई स्थानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।
सरेंडर को लेकर दिया कड़ा संदेश
हालांकि, पड़ोसी देशों से नरम रुख दिखाने के बावजूद पेजेश्कियन ने साफ कहा कि ईरान किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह उम्मीद कर रहे हैं कि ईरान सरेंडर कर देगा, वे गंभीर गलतफहमी में हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है और देश किसी भी खतरे का सामना करने में सक्षम है।
क्षेत्र में बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। कई देशों ने आशंका जताई है कि अगर हालात काबू में नहीं आए तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।
फिलहाल ईरान की ओर से आया यह बयान क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देखा (Masoud Pezeshkian Statement) जा रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर दुनिया की नजर बनी हुई है।





