सीजी भास्कर, 07 मार्च। झारखंड के Dhanbad रेल मंडल में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने (Dhanbad Railway Corruption Case) आया है, जहां एक वरिष्ठ रेल अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया गया। जानकारी के मुताबिक, Central Bureau of Investigation की टीम ने कार्रवाई करते हुए रेलवे के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता संजीव कुमार को ₹50 हजार की घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि एक ठेकेदार का लगभग ₹24 लाख का भुगतान लंबे समय से लंबित था। आरोप है कि बिल पास करने के बदले इंजीनियर लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। कई बार दफ्तर बुलाने और दबाव बनाने के बाद परेशान होकर ठेकेदार ने आखिरकार मामला जांच एजेंसी तक पहुंचा दिया।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार ने पूरी बातचीत और रिश्वत मांगने की जानकारी एजेंसी (Dhanbad Railway Corruption Case) को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद जांच टीम ने योजना बनाकर ट्रैप तैयार किया। तय योजना के तहत ठेकेदार को इंजीनियर को रकम देने के लिए कहा गया, ताकि आरोप की पुष्टि की जा सके।
कार में हुई रकम की डील
बताया जाता है कि पैसे लेने के लिए स्थान शहर के एक इलाके में तय किया गया, जहां ठेकेदार ने इंजीनियर को ₹50 हजार सौंप दिए। रकम लेने के बाद अधिकारी अपने कार्यालय लौट आया और पैसे अपने चैंबर के दराज में रख दिए। हालांकि जांच एजेंसी पहले से ही पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही अधिकारी कार्यालय पहुंचा, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके कमरे में छापा मार दिया।
ड्रॉअर से बरामद हुई रिश्वत की रकम
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने चैंबर के ड्रॉअर से वही रकम बरामद (Dhanbad Railway Corruption Case) कर ली, जो रिश्वत के तौर पर दी गई थी। इसके बाद अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि इस मामले में संबंधित दस्तावेजों और फाइलों की भी जांच की जा रही है।
देर रात तक चली पूछताछ
कार्रवाई के बाद जांच टीम कई घंटों तक कार्यालय में मौजूद रही। इस दौरान संबंधित फाइलों, स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई गई। मामले के सामने आने के बाद रेलवे विभाग में हलचल बढ़ गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।





