सीजी भास्कर, 07 मार्च। तेलंगाना में सुरक्षा मोर्चे पर बड़ी सफलता सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते (Telangana Naxalites Surrender) हुए आत्मसमर्पण कर दिया। राजधानी Hyderabad में आयोजित कार्यक्रम में कुल 130 माओवादी कैडरों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy भी मौजूद रहे।
संगठन के कई वरिष्ठ सदस्य शामिल
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के विभिन्न स्तरों के सदस्य शामिल हैं। इनमें 3 स्टेट कमेटी सदस्य, 1 रीजनल कमेटी सदस्य, 10 डिवीजनल स्तर के कैडर, करीब 40 एरिया कमेटी सदस्य और लगभग 70 अन्य सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह कदम माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
बस्तर क्षेत्र से जुड़े कैडर भी शामिल
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले कई माओवादी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से भी जुड़े (Telangana Naxalites Surrender) रहे हैं। इनमें से कुछ पीएलजीए बटालियन में सक्रिय थे, जबकि कई सदस्य Communist Party of India (Maoist) की अलग-अलग इकाइयों से जुड़े हुए थे, जिनमें दंडकारण्य क्षेत्र की गतिविधियों से जुड़े कैडर भी शामिल बताए जाते हैं।
करोड़ों का इनाम था घोषित
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर कुल मिलाकर करीब 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित बताया जा रहा था। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इन कैडरों ने समर्पण के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री भी सौंप दी। बरामद हथियारों में स्वचालित राइफलें, एलएमजी, एसएलआर, पिस्टल और अन्य हथियार शामिल हैं।
सरकार की नीति और दबाव का असर
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण कई माओवादी अब हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला कर रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना (Telangana Naxalites Surrender) चाहते हैं, उनके पुनर्वास और नई शुरुआत के लिए योजनाएं उपलब्ध हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण क्षेत्र में उग्रवाद विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





