कोरबा जिले से काम की तलाश में दक्षिण भारत के लिए निकले मजदूरों के साथ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Mangaluru Missing Workers से जुड़ा यह मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है। जानकारी के अनुसार जिले के देवरी ग्राम पंचायत के रविदास तेंदुकोन्हा बस्ती के पांच युवक मजदूरी के लिए मेंगलुरु रवाना हुए थे, लेकिन यात्रा के दौरान घटनाक्रम ऐसा बदला कि दो युवक लापता हो गए और बाद में एक शव मिलने की खबर ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया।
एजेंट के साथ ट्रेन से निकले थे मजदूर
बताया जा रहा है कि भंवर साय, रविदास, खमन दास, अजय यादव और ईश्वर सिंह 11 फरवरी को काम के सिलसिले में मेंगलुरु के लिए निकले थे। उनके साथ झारखंड से मजदूरों को काम दिलाने वाला एक एजेंट भी था। सभी मजदूर लंबी ट्रेन यात्रा कर गंतव्य तक पहुंचने वाले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वहां पहुंचकर उन्हें बेहतर मजदूरी मिलेगी। इस तरह के मामलों को अक्सर Migrant Workers Case के तौर पर भी देखा जाता है, जहां काम की तलाश में दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है।
सफर के दौरान अचानक गायब हो गया एक युवक
साथियों के मुताबिक यात्रा के दौरान भंवर साय ट्रेन के एक डिब्बे के अंतिम हिस्से में दरवाजे के पास बैठा हुआ था। रास्ते में कब और किस स्टेशन पर वह ट्रेन से उतर गया या गिर गया, इसका किसी को ठीक-ठीक पता नहीं चल सका। जब ट्रेन मेंगलुरु पहुंची और बाकी मजदूर नीचे उतरे, तब उन्हें एहसास हुआ कि भंवर साय उनके साथ नहीं है। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
स्टेशन पर दूसरा घटनाक्रम, दो मजदूर अचानक लापता
पहले साथी के गायब होने से मजदूर अभी परेशान ही थे कि स्टेशन पर एक और घटना सामने आ गई। बताया जा रहा है कि खमन दास और रविदास स्टेशन के बाहर चाय पीने के लिए गए थे, लेकिन उसके बाद वे वापस नहीं लौटे। इस अचानक हुई घटना ने बाकी साथियों और परिजनों की चिंता और बढ़ा दी। अब यह मामला Missing Person Case के रूप में भी देखा जा रहा है।
कुछ दिनों बाद मिला एक शव, पहचान पर उठे सवाल
घटना के कुछ दिनों बाद स्थानीय पुलिस को एक शव मिलने की जानकारी सामने आई। हालांकि शव की पहचान को लेकर अब भी स्पष्टता नहीं है। मजदूरों के परिजन इस बात को लेकर संशय में हैं कि बरामद शव उनके साथी का ही है या किसी और का। इसी वजह से परिवार के लोग अब डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
परिवारों में चिंता, जांच की मांग तेज
गांव में इस घटना की खबर पहुंचते ही परिजनों में बेचैनी बढ़ गई है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अपने लापता परिजनों के बारे में अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने और लापता मजदूरों का पता लगाने की मांग की है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मामलों में विस्तृत Police Investigation बेहद जरूरी होती है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।





