CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » ANM Vinita Das Story: जंगल, नक्सल और टूटा अस्पताल… फिर भी नहीं रुकी सेवा, पोटाली की ‘नानो’ ने 1000 से ज्यादा सुरक्षित प्रसव कराए

ANM Vinita Das Story: जंगल, नक्सल और टूटा अस्पताल… फिर भी नहीं रुकी सेवा, पोटाली की ‘नानो’ ने 1000 से ज्यादा सुरक्षित प्रसव कराए

By Newsdesk Admin
08/03/2026
Share

दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित पोटाली क्षेत्र में एक स्वास्थ्य कर्मी की कहानी आज भी लोगों को प्रेरित करती है। ANM Vinita Das Story उन चुनिंदा उदाहरणों में से है, जहां कठिन हालात भी सेवा की राह नहीं रोक सके। घने जंगलों, कच्चे रास्तों और असुरक्षित माहौल के बीच एएनएम विनीता दास पिछले 35 वर्षों से लगातार गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। कई बार हालात इतने चुनौतीपूर्ण रहे कि सामान्य चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई, लेकिन उन्होंने अपना काम नहीं छोड़ा।

Contents
  • नक्सलियों ने तोड़ा अस्पताल, घर बना प्रसूति केंद्र
  • 19 साल में 1000 से ज्यादा डिलीवरी
  • तीन गांवों की महिलाओं और बच्चों के लिए सहारा
  • सबसे कठिन दौर 2005 से 2015 के बीच
  • रात के अंधेरे में भी पहुंचीं मरीजों तक
  • गांव में ‘नानो’ के नाम से पहचान

नक्सलियों ने तोड़ा अस्पताल, घर बना प्रसूति केंद्र

साल 2007 में पोटाली क्षेत्र का सरकारी अस्पताल नक्सल हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। अस्पताल बंद होने के बाद गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगभग खत्म हो गई थीं। ऐसे समय में विनीता दास ने अपने घर को ही अस्थायी प्रसूति केंद्र बना दिया। वहीं महिलाओं की डिलीवरी कराना शुरू किया और धीरे-धीरे यह व्यवस्था पूरे इलाके के लिए सहारा बन गई। आज भी कई लोग इस पहल को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा का एक बड़ा उदाहरण मानते हैं, जिसे विशेषज्ञ Rural Healthcare Service की मिसाल बताते हैं।

19 साल में 1000 से ज्यादा डिलीवरी

पिछले करीब दो दशकों में विनीता दास ने अपने घर में ही एक हजार से अधिक सुरक्षित प्रसव कराए हैं। संसाधनों की कमी, सीमित उपकरण और जोखिम भरे माहौल के बावजूद उन्होंने सेवा का काम जारी रखा। गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह व्यवस्था जीवनदायिनी साबित हुई। इस तरह की सेवाओं को कई लोग Safe Delivery Support के रूप में देखते हैं, जो दूरदराज इलाकों में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

तीन गांवों की महिलाओं और बच्चों के लिए सहारा

विनीता दास वर्तमान में मुलैर, काकड़ी और पोटाली गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, प्राथमिक उपचार और प्रसव जैसी जिम्मेदारियां वह लगातार निभा रही हैं। 1990 में एएनएम के रूप में उन्होंने सेवा शुरू की थी और आज तक उसी क्षेत्र में काम कर रही हैं। जिन रास्तों पर जाने से लोग डरते हैं, वहां वह वर्षों से लोगों की मदद करती आ रही हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली में इसे Primary Health Care की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है।

सबसे कठिन दौर 2005 से 2015 के बीच

विनीता दास बताती हैं कि उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय 2005 से 2015 के बीच का रहा। उस समय कई सड़कों को नुकसान पहुंचा था और कई गांवों तक पहुंचने के लिए उन्हें 15 से 20 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता था। बिजली, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं भी नहीं थीं। कई बार रात में चिमनी या लालटेन की रोशनी में ही डिलीवरी करानी पड़ती थी।

रात के अंधेरे में भी पहुंचीं मरीजों तक

इन वर्षों में कई बार ऐसा हुआ जब किसी गर्भवती महिला की हालत गंभीर हो जाती थी और अस्पताल ले जाना संभव नहीं होता था। ऐसे समय गांव वाले सबसे पहले विनीता दास को ही बुलाते थे। कई बार उन्हें रात के अंधेरे में जंगल के रास्तों से होकर मरीजों तक पहुंचना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी सेवा से पीछे हटने के बारे में नहीं सोचा।

गांव में ‘नानो’ के नाम से पहचान

लगातार सेवा और साहस के कारण पोटाली क्षेत्र के गांवों में लोग उन्हें ‘नानो’ यानी बहन के नाम से पुकारते हैं। ग्रामीणों के बीच उनका सम्मान काफी अधिक है। कठिन परिस्थितियों में भी तीन दशकों से अधिक समय तक सेवा देकर उन्होंने यह साबित किया है कि समर्पण और मानवता किसी भी चुनौती से बड़ी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयास Community Health Worker की भूमिका को और मजबूत करते हैं।

State Policy Commission Vice Chairman Chhattisgarh: रिटायर्ड IAS गणेश शंकर मिश्रा बने उपाध्यक्ष, शासन का आदेश जारी
Raigarh Bus Accident : 50 यात्रियों से भरी बस बेकाबू होकर पलटी, 7–8 यात्री घायल
Solar Energy Awareness Drive : मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा जागरूकता के लिए सूर्य रथ को दिखाई हरी झंडी, सब्सिडी की राशि भी जारी
सीजी बोर्ड 12वीं के नतीजे आज, 9 वेबसाइट पर देख सकेंगे रिजल्ट
Danghai Holi in Janjgir Champa: 300 साल पुरानी डंगाही होली में कुंवारी कन्याओं की लाठियां, ‘मार’ को माना जाता है आशीर्वाद
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Fertilizer Crisis Chhattisgarh
Fertilizer Crisis Chhattisgarh : खाद के लिए सड़क पर उतरे किसान, पैलीमेटा में चक्काजाम, यूरिया-DAP संकट पर फूटा आक्रोश

सीजी भास्कर, 19 जून :  खरीफ सीजन के…

Bilaspur SSP Action
Bilaspur SSP Action : SSP का बड़ा एक्शन! TI निलंबित, गिरफ्तारी वारंट मामले में गिरी गाज

सीजी भास्कर, 19 जून :  बिलासपुर पुलिस महकमे…

Kusum Smelters Accident
Kusum Smelters Accident : कुसुम स्मेल्टर्स में फिर बड़ा हादसा: मेंटेनेंस के दौरान गर्म स्पंज आयरन की चपेट में आए 3 मजदूर

सीजी भास्कर, 19 जून : मुंगेली  जिले के…

Commercial Pilot Training Bastar
Commercial Pilot Training Bastar : अब बस्तर के युवा उड़ाएंगे विमान! युवाओं को मिलेगा पायलट बनने का सुनहरा मौका

सीजी भास्कर, 19 जून : बस्तर के युवाओं…

Parmeshwari Dham Temple Theft
Parmeshwari Dham Temple Theft : परमेश्वरी धाम मंदिर में बड़ी चोरी, भगवान के आभूषण और दानपेटी से नकदी ले उड़े चोर

सीजी भास्कर, 19 जून :  महासमुंद जिले के…

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?