रायपुर की 29 वर्षीय आस्था मानिक ने तकनीक और शिक्षा को जोड़ते हुए एक ऐसा AI Learning Tool विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया है, जो खासतौर पर UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मददगार साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उनकी यह पहल चर्चा में है। आस्था का मानना है कि सही तकनीक का उपयोग पढ़ाई को आसान और व्यवस्थित बना सकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पढ़ाई की प्रक्रिया को स्मार्ट बनाने की कोशिश की है।
इंटरनेट बना सबसे बड़ा शिक्षक
आस्था बताती हैं कि उन्होंने Artificial Intelligence और डिजिटल स्किल्स की पढ़ाई किसी बड़े संस्थान से नहीं की। उन्होंने यूट्यूब, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरनेट के जरिए खुद ही सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे तकनीक की समझ बढ़ती गई और इसी दौरान उन्होंने कई छोटे-छोटे डिजिटल प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उनका कहना है कि अगर सीखने की लगन हो तो इंटरनेट आज के दौर में सबसे बड़ा शिक्षक बन सकता है।
UPSC छात्रों के लिए स्मार्ट स्टडी सिस्टम
UPSC परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की समस्याओं को समझते हुए आस्था ने अपने भाई अनुराग मानिक के साथ मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो रोजाना आने वाली खबरों और करंट अफेयर्स को अपने-आप फिल्टर कर UPSC Preparation के हिसाब से व्यवस्थित कर देता है। इससे छात्रों को अखबारों और विभिन्न स्रोतों से जरूरी जानकारी ढूंढने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है।
‘Padhle AI’ प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
फिलहाल आस्था “Padhle AI” नाम के एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। यह एक Smart Learning Platform होगा, जिसका उद्देश्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को AI आधारित स्टडी सपोर्ट देना है। इसमें करंट अफेयर्स, नोट्स ऑटोमेशन और स्मार्ट कंटेंट फिल्टरिंग जैसे फीचर्स शामिल करने की योजना है, ताकि छात्रों को कम समय में बेहतर तैयारी का विकल्प मिल सके।
AI एप से डिजिटल फ्रॉड पकड़ने की तकनीक भी विकसित
तकनीक के क्षेत्र में आस्था का काम सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर “कर्तव्य” नाम का AI एप तैयार किया था। यह एप AI से बनाई गई नकली आवाज और असली आवाज के बीच अंतर पहचानने में सक्षम है। देशभर से करीब 40 हजार प्रतिभागियों के बीच उनकी टीम ने पहला स्थान हासिल कर अपनी क्षमता साबित की।
तकनीक से डरने की नहीं, सीखने की जरूरत
आस्था का कहना है कि आज के समय में लड़कियों के लिए तकनीक एक बड़ा अवसर बन सकती है। उनका मानना है कि अगर नई तकनीकों को समझकर सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो युवा अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।





