छत्तीसगढ़ के Bilaspur रेलवे स्टेशन पर इन दिनों ट्रेनों की लगातार हो रही देरी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। मंगलवार को सुबह पहुंचने वाली Pune–Santragachi Humsafar Express लगभग 14 घंटे की देरी से रात करीब 11 बजे स्टेशन पहुंची। लंबे इंतजार के कारण यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर बैठकर समय बिताना पड़ा। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि Train Delay Bilaspur की समस्या पिछले कई महीनों से लगातार बनी हुई है।
आजाद हिंद और उत्कल एक्सप्रेस भी समय से काफी पीछे
बिलासपुर से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों में शामिल Azad Hind Express और Kalinga Utkal Express भी इन दिनों अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, ये ट्रेनें अक्सर 4 से 5 घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। मंगलवार को पुरी की ओर जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस निर्धारित समय से करीब 7 घंटे देर से रवाना हुई। यात्रियों का कहना है कि बार-बार की देरी से सफर की पूरी योजना प्रभावित हो जाती है, जिससे लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नई रेल लाइनों के निर्माण से प्रभावित हो रहा संचालन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, देश के कई रेल मंडलों में नई लाइनों के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। Indian Railways द्वारा बिलासपुर से हावड़ा के बीच चौथी लाइन बिछाने का कार्य जारी है, वहीं झारसुगुड़ा से राउरकेला के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके अलावा राउरकेला से रांची, हटिया और बोकारो रेल खंडों में भी कई तकनीकी कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं के चलते ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया जा रहा है, जिससे समय पर संचालन प्रभावित हो रहा है।
बिलासपुर रेल मंडल में और बढ़ जाती है देरी
यात्रियों का कहना है कि कई ट्रेनें झारसुगुड़ा तक तो किसी तरह पहुंच जाती हैं, लेकिन जैसे ही वे South East Central Railway के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर रेल मंडल की सीमा में प्रवेश करती हैं, उनकी रफ्तार काफी धीमी हो जाती है। पहले से लेट चल रही ट्रेनें यहां आकर और अधिक पिछड़ जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ यार्ड रिमॉडलिंग और ट्रैक कनेक्टिविटी के कारण भी ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ रहा है।





