Elephant Calf Death Raigarh : छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। घरघोड़ा रेंज क्षेत्र में दो हाथी शावकों के शव नदी में मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई। प्रारंभिक जांच में दोनों शावकों की मौत करंट लगने से होने की बात सामने आई है। घटना के बाद जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
कुरकुट नदी में मिले कई दिन पुराने शव
जानकारी के अनुसार दोनों शावकों के शव Kurkut River Raigarh में पाए गए। डॉक्टरों के प्रारंभिक निरीक्षण के अनुसार शव करीब तीन से चार दिन पुराने बताए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में शव देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
करंट से मौत की पुष्टि, दो आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की जांच में सामने आया कि दोनों हाथी शावक बिजली के करंट की चपेट में आए थे। अधिकारियों ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि करंट किस परिस्थिति में फैला और इससे हाथियों की मौत कैसे हुई।
वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के कई दिन बाद तक शव नदी में पड़े रहने की बात सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य Gopal Agrawal ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि जंगलों में नियमित निगरानी और गश्त मजबूत नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस मामले को लेकर स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी जांच की मांग उठाई है। युवा कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष Usman Beg ने कलेक्टर और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
वन्यजीवों की मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी Tamnar Range Raigarh क्षेत्र में हाथियों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे मामलों में अक्सर करंट या अन्य अवैध तरीकों से वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिस पर समय-समय पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठती रही है।





