सीजी भास्कर, 15 मार्च। छत्तीसगढ़ में रसोई गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर प्रशासन ने सख्ती (LPG Cylinder Black Marketing) बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में संयुक्त जांच और छापेमार कार्रवाई के जरिए घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा से कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिससे साफ है कि प्रशासन अब इस नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाने के मूड में है।
सूरजपुर जिले के भटगांव तहसील अंतर्गत करकोली गांव में खाद्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी करते हुए एक गोदाम से 35 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। इनमें 23 भरे हुए और 12 खाली सिलेंडर शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक जिले के अलग-अलग हिस्सों में अब तक कुल 93 सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि घरेलू उपयोग के लिए दिए जाने वाले सिलेंडरों की अवैध स्टॉकिंग और व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रशासन की नजर काफी कड़ी हो चुकी है।
बिलासपुर में मामला एक वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आया। शहर के भारतीय नगर इलाके में एक दुकान की आड़ में घरेलू गैस सिलेंडरों से दूसरे सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल (LPG Cylinder Black Marketing) बढ़ गई। वीडियो में खुलेआम गैस ट्रांसफर जैसी गतिविधि दिखने की बात कही जा रही है। मामले के सामने आने के बाद जिला खाद्य विभाग ने जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। इस तरह के मामले सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं होते, बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरा भी पैदा करते हैं, क्योंकि अवैध रिफिलिंग कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
जांजगीर-चांपा सहित अन्य जिलों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का फोकस उन जगहों पर है, जहां घरेलू सिलेंडरों का उपयोग निर्धारित उद्देश्य से हटकर अवैध भंडारण, कालाबाजारी या रीफिलिंग के लिए किए जाने की आशंका है। लगातार हो रही कार्रवाई यह बताती है कि अब विभागीय टीमें सिर्फ शिकायत मिलने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि सक्रिय रूप से ऐसे ठिकानों की पहचान करने में लगी हैं।
एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी कालाबाजारी सिर्फ उपभोक्ताओं के अधिकारों पर चोट नहीं करती, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा गंभीर (LPG Cylinder Black Marketing) मामला है। घरेलू सिलेंडर सब्सिडी और नियंत्रित वितरण व्यवस्था के तहत जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए होते हैं। ऐसे में इनका अवैध भंडारण या दुरुपयोग बाजार व्यवस्था को बिगाड़ने के साथ-साथ आम लोगों की पहुंच भी प्रभावित करता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह सख्ती आने वाले दिनों में कितनी व्यापक कार्रवाई में बदलती है और क्या इस पर स्थायी रोक लग पाती है।





