सीजी भास्कर, 19 मार्च। टेक दिग्गज Amazon इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ बड़े पैमाने पर छंटनी (Amazon Layoffs 2026) हो रही है, तो दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दम पर भविष्य की कमाई के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है।
एक तरफ छंटनी, दूसरी तरफ अरबों का विज़न
कंपनी ने हाल ही में करीब 16 हजार कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि की है। यह फैसला इंटरनल स्ट्रक्चर को आसान बनाने और फैसलों की प्रक्रिया को तेज करने के लिए लिया गया बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक यह कदम कंपनी के एक अंदरूनी प्लान “Project Dawn” से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत टीमों को रीऑर्गनाइज किया जा रहा है।
AWS से 55 लाख करोड़ कमाई का सपना
Amazon के CEO Andy Jassy ने एक इंटरनल मीटिंग में साफ किया कि कंपनी का क्लाउड प्लेटफॉर्म Amazon Web Services आने वाले समय में कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहा है।
पहले जहां AWS के लिए 300 बिलियन डॉलर सालाना कमाई का अनुमान (Amazon Layoffs 2026) था, वहीं अब AI के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए इसे दोगुना यानी करीब 600 बिलियन डॉलर (लगभग 55 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
AI की वजह से बदल रहा बिजनेस मॉडल
दरअसल, दुनिया भर की कंपनियां तेजी से AI टूल्स और मॉडल्स पर काम कर रही हैं। इनको चलाने के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है – यहीं AWS की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। Amazon इसी बढ़ती मांग को भुनाने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि AI आधारित सेवाओं में वह ग्लोबल लीडर बन सके।
नंबर बताते हैं बड़ी तस्वीर
AWS ने साल 2025 में करीब 128.7 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया (Amazon Layoffs 2026) था, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 19% ज्यादा है। अगर कंपनी अपने नए लक्ष्य तक पहुंचती है, तो आने वाले वर्षों में लगातार तेज ग्रोथ बनाए रखना उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
क्या है आगे का रास्ता?
विशेषज्ञ मानते हैं कि Amazon का यह कदम “कम खर्च, ज्यादा टेक्नोलॉजी” मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत है, जहां मानव संसाधन की जगह AI और ऑटोमेशन को ज्यादा महत्व दिया जाएगा।


