Mahadev Betting App ED Action 2026 : महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी Saurabh Chandrakar से जुड़ी करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) के तहत की गई है।
दुबई और दिल्ली में 20 प्रॉपर्टी पर कार्रवाई
जांच एजेंसी के मुताबिक कुल 20 अचल संपत्तियां अटैच की गई हैं, जिनमें 18 Dubai में और 2 New Delhi में स्थित हैं। इन संपत्तियों में प्राइम लोकेशन के लग्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं, साथ ही Burj Khalifa में स्थित एक अपार्टमेंट भी इस कार्रवाई में शामिल है।
अवैध कमाई से खरीदी गई लग्जरी संपत्तियां
जांच में सामने आया है कि इन सभी संपत्तियों को अवैध सट्टेबाजी से अर्जित धन से खरीदा गया था। आरोपी ने सट्टे से कमाए गए पैसों से लग्जरी बंगले, महंगी कारें और अन्य हाई-वैल्यू एसेट्स में निवेश किया था।
सहयोगियों की भूमिका भी आई सामने
एजेंसी के अनुसार, यह संपत्तियां आरोपी और उसके सहयोगियों के नाम पर संचालित की जा रही थीं। मामले में विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी जैसे नाम भी जांच में सामने आए हैं।
इंटरनेशनल सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
जांच में यह भी पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में काम करता था। यह नेटवर्क टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था और फ्रेंचाइजी मॉडल पर देशभर में फैलाया गया था।
हजारों डमी अकाउंट और हवाला के जरिए ट्रांजैक्शन
आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों डमी बैंक अकाउंट खोले गए और आम लोगों के केवाईसी का दुरुपयोग किया गया। इसके बाद रकम को हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजकर महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया।
ED की लगातार कार्रवाई, कई गिरफ्तारियां
प्रवर्तन निदेशालय अब तक इस मामले में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। कुल 4336 करोड़ रुपये की संपत्तियां अब तक अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।
भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
ईडी ने सौरभ चंद्राकर समेत अन्य आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और इस पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म किया जाएगा।


