सीजी भास्कर, 27 मार्च। भारत ने अपनी वायु सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए रूस के साथ 858 करोड़ रुपये की अहम रक्षा डील (Tunguska Air Defense System) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को भारतीय रक्षा प्रणाली में शामिल किया जाएगा, जिससे हवाई हमलों के खिलाफ देश की ताकत और बढ़ेगी।
तुंगुस्का सिस्टम से बढ़ेगी एयर डिफेंस ताकत
इस डील के तहत भारतीय सेना के लिए करीब 445 करोड़ रुपये में तुंगुस्का एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा जा रहा है। यह आधुनिक सिस्टम ड्रोन, फाइटर जेट और क्रूज मिसाइल जैसे खतरों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है। भारत के पास पहले से S-400, बराक-8 और आकाश जैसे मजबूत सिस्टम मौजूद हैं, जिनमें अब तुंगुस्का जुड़ने से मल्टीलेयर एयर डिफेंस और मजबूत होगा।
नेवी के लिए भी बड़ा समझौता
इसी डील के तहत भारतीय नौसेना के लिए P8I लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम रिकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस और निरीक्षण के लिए 413 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन (Tunguska Air Defense System) किया गया है। यह समझौता Boeing की भारतीय इकाई के साथ किया गया है, जिससे देश में ही मेंटेनेंस सुविधाएं मजबूत होंगी।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि यह डील “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत देश की रक्षा क्षमताओं को घरेलू स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एस-400 की भी जल्द होगी पूरी डिलीवरी
भारत ने 2018 में रूस से S-400 सिस्टम (Tunguska Air Defense System) खरीदा था। इसके पांच स्क्वाड्रन में से तीन पहले ही मिल चुके हैं और बाकी दो की डिलीवरी भी इसी साल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।


