सीजी भास्कर, 28 मार्च। House Theft Case : दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सूने मकानों को निशाना बना रहे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह मामला हाल के चर्चित (House Theft Case) में से एक बन गया था।
परिवार के बाहर जाते ही ‘Bhilai Theft’ को दिया अंजाम, टूटा ताला और खाली घर
पीड़िता यू. येल्लमा (50 वर्ष), श्याम नगर स्थित तेलगू मोहल्ला, कैम्प-2 भिलाई की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी को वह परिवार के साथ विशाखापट्टनम गई थीं। घर पूरी तरह बंद था, लेकिन लौटने पर दरवाजे का ताला टूटा मिला।
अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए—एलईडी टीवी, होम थिएटर, सोने-चांदी के आभूषण समेत कई कीमती सामान गायब था। यह वारदात एक सुनियोजित (Bhilai Theft) के तौर पर सामने आई।
जांच में जुटी टीम, ‘Chhattisgarh Police Action’ से आरोपियों तक पहुंची कड़ी
घटना की गंभीरता को देखते हुए छावनी थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। आसपास के संदिग्धों और पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए।
तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर कुछ युवकों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की पूरी वारदात कबूल कर ली। यह पूरी कार्रवाई तेज और सटीक (Chhattisgarh Police Action) का उदाहरण मानी जा रही है।
एक नाबालिग समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, पूरा सामान बरामद
पुलिस ने इस मामले में विवेक मिश्रा (20 वर्ष) निवासी शास्त्री नगर कैम्प-1 और एस जगन (19 वर्ष) निवासी सुंदर नगर कैम्प-1 भिलाई के साथ एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से चोरी का लगभग पूरा सामान बरामद कर लिया गया है, जिसमें एलईडी टीवी, होम थिएटर, चांदी के आभूषण और पीतल के बर्तन शामिल हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 45 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस की अपील: घर खाली छोड़ते समय बरतें सावधानी
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि घर छोड़कर बाहर जाने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। पड़ोसियों को सूचना देना, सीसीटीवी कैमरे लगाना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
तेजी से सुलझाए गए इस मामले ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सतर्कता और समय पर कार्रवाई से अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है।


