छत्तीसगढ़ के Bilaspur में (Fuel Supply Status Bilaspur) को लेकर फैली चिंताओं के बीच कलेक्टर ने साफ किया है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। मिडिल-ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण लोगों में घबराहट जरूर बढ़ी है, लेकिन सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
सप्लाई बंद हो तब भी कई दिन का स्टॉक मौजूद
कलेक्टर Sanjay Agrawal ने बताया कि अगर किसी कारणवश सप्लाई बाधित भी हो जाती है, तब भी जिले में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। (Stock Availability) के अनुसार पेट्रोल लगभग 5 दिन और डीजल साढ़े 5 दिन तक उपलब्ध रह सकता है, जिससे तत्काल संकट की कोई स्थिति नहीं है।
मांग दोगुनी, सप्लाई सीमित
हालांकि (Gas Cylinder Demand) के तहत घरेलू गैस की स्थिति थोड़ी अलग है। जिले में रोजाना करीब 9 हजार सिलेंडर की सप्लाई हो रही है, जबकि मांग 22 हजार तक पहुंच गई है। यानी करीब 13 हजार सिलेंडरों का गैप बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद वितरण जारी है।
जरूरत से ज्यादा खरीदारी ने बढ़ाया दबाव
प्रशासन का मानना है कि वास्तविक कमी से ज्यादा समस्या (Panic Buying Effect) की वजह से पैदा हो रही है। लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल, डीजल और गैस खरीदकर स्टोर कर रहे हैं, जिससे बाजार में अचानक मांग बढ़ गई है।
सामान्य दिनों से 7% तक बढ़ी बिक्री
ऑयल कंपनियों के अनुसार, (Fuel Consumption Data) में हाल के दिनों में 5 से 7 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। जहां पहले पेट्रोल और डीजल की खपत सीमित थी, वहीं अब रोजाना 20 से 30 किलोलीटर अतिरिक्त बिक्री दर्ज की जा रही है।
कलेक्टर की अपील—पैनिक न हों, संयम रखें
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। (Administrative Appeal) के तहत उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक स्टोरेज से कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है, जबकि वास्तविकता में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
अगर यही स्थिति रही तो बढ़ सकती है देरी
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि अगर मांग इसी तरह बढ़ती रही और सप्लाई चैन प्रभावित हुई, तो गैस सिलेंडर मिलने में देरी हो सकती है। (Future Concern) के अनुसार वर्तमान में जहां 25 दिन में सिलेंडर मिल रहा है, वहीं भविष्य में यह अवधि बढ़कर 2 महीने तक पहुंच सकती है।


